यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जामताड़ा में तेज बारिश में मिट्टी का घर ढहा, मलबे में दबकर भाजपा नेता के बच्चे और मां की मौत
नाला प्रखंड के कालीपाथर गांव में बारिश के कारण एक आदिवासी परिवार का मिट्टी का घर ढह गया। इस हादसे में दादी और पोते की मलबे में दबकर मौत हो गई जबकि बच् ...और पढ़ें

HighLights
- नाला में बारिश से घर ढहा |
- दादी-पोते की मलबे में दबकर मौत |
- अबुआ आवास योजना का लाभ नहीं मिला |
संवाद सहयोगी, नाला (जामताड़ा)। नाला प्रखंड क्षेत्र के कालीपाथर गांव में बुधवार देर रात बारिश एक परिवार पर कहर बनकर बरसा। लगातार हो रही तेज बारिश की वजह से एक आदिवासी परिवार का मिट्टी का घर ढह गया और इसके मलबे में दबकर दादी-पोते की मौत हो गई।
जबकि, मासूम बच्चे की मां का इलाज गंभीर अवस्था में पश्चिम बंगाल स्थित आसनसोल के एक अस्पताल में चल रहा है।
इस हादसे में नाला भाजपा प्रखंड के एसटी मोर्चा अध्यक्ष शिवधन हेम्ब्रम के मासूम बेटे मनीष कुमार हेम्ब्रम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी मां मखौदी हेम्ब्रम ने आसनसोल में इलाज के क्रम में दम तोड़ दिया। वहीं, उनकी पत्नी पितोली किस्कू का गंभीर हालत में इलाजरत है।
शिवधन हेम्ब्रम की बहन फूलमनी व जियामनी ने बताया कि बुधवार की देर शाम को धनरोपणी के बाद उनकी भाभी पितोली चाय बना रही थी। जबकि सास मखौदी से शारीरिक रूप अस्वस्थ रहने की वजह से घर के अंदर सोई हुई थी। इसी बीच दो साल का मनीष भी वहीं दादी के पास आकर बैठ गया।
अचानक जोदार आवाज के साथ मिट्टी का घर पूरी तहर से ध्वस्त हो गया और उनके मासूम भतीजे की मलबे के नीचे दबकर मौके पर ही मौत हो गई। जबकि शिवधन की पत्नी एवं मां गंभीर रूप से घायल हो गई। दोनों को आनन-फानन में नाला सीएचसी में भर्ती कराया गया।
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जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए दोनों को इलाज के लिए आसनसोल भेज दिया गया। जहां पर इलाज के दौरान मखोदी की भी मौत गई।
कॉल करने के बाद भी नहीं पहुंचा एंबुलेंस
वहीं, शिवधन ने बताया कि हादसे के वक्त वह गांव स्थित दुकान की ओर गए थे। इसी बीच शोर सुनकर वह घर की ओर पंहुचे। इस घटना की सूचना उन्होंने एंबुलेंस और स्थानीय प्रशासन को दी। जबकि मौके पर भाजपा के जिला अध्यक्ष सुमित शरण समेत जितेन राउत व अन्य करीबियों को भी दी।
घटना के बाद भाजपा के जिला अध्यक्ष व अन्य लोग तो नाला के कालीपाथर पहुंच गए, लेकिन काफी वक्त गुजर जाने और बार-बार कॉल करने के बाद भी ना तो मौके पर एंबुलेंस पहुंचा और ना ही मदद को कोई जिम्मेदार अधिकारी।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल
वहीं, घटना के बाद पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। एक ही परिवार के दो लोगों की मौत के बाद स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सभी पोस्टमार्टम के बाद शवों के दिनभर आने का इंतजार करते रहे। घटना के बाद से पूरे गांव में शोक पसरा है और कई घरों में चूल्हे नहीं जले।
दूसरे दिन मौके का जायजा लेने के लिए पंचायत के मुखिया मिनीश्वर मुर्मू एवं कनीय अभियंता उत्तम कुमार शर्मा पहुंचे। बारिश से ध्वस्त हुए घर से पूरा परिवार बेघर हो चुका है। लोगोंं ने स्वजनों की खाने-पीने की व्यवस्था करवाई।
समय पर मिल गया होता अबुआ आवास तो नहीं जाती दो लाेगों की जान
वित्तीय वर्ष 2023-24 में एक अबुआ आवास शिवधन को मिला है। लेकिन इसका निर्माण कार्य अबतक अधूरा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस परिवार को यदि योजना का लाभ समय रहते मिल जाता तो आज इस हादसे की वजह से दो लोगों की मौत ना होती।
वहीं, इस संबंध में मुखिया मिनीश्वर मुर्मू ने बताया कि पिछले तीन साल से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फंड ही नहीं आया था। वर्तमान में अबुआ आवास योजना के तहत एक आवास योजना की लाभ शिवधन को दिया गया है। पिछले कुछ महीने पहले ही आवास का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। जोकि अबतक अधूरा ही है।