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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जामताड़ा में कहर बनकर गिरी आकाशीय बिजली, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत; डॉक्टरों की लापरवाही पर भड़के विधायक

    By Madan Kumar PoddarEdited By: Shashank Shekhar
    Updated: Sun, 01 Oct 2023 10:06 PM (IST)

    जामताड़ा में आसमानी आफत बरसने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। घटना नारायणपुर थाना क्षेत्र के चंदाडीह लखनपुर गांव की है। बताया जा रहा है कि ...और पढ़ें

    जामताड़ा में कहर बनकर गिरी आकाशीय बिजली, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत
    जामताड़ा में कहर बनकर गिरी आकाशीय बिजली, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत

    HighLights

    1. घटना के समय टेंट में कुल सात लोग थे
    2. मृतक के परिजनों को हर संभव सरकारी लाभ दिलाया जाएगा- विधायक

    संवाद सहयोगी, नारायणपुर (जामताड़ा)। रविवार शाम को आकाशीय बिजली की चपेट में आकर नारायणपुर थाना क्षेत्र के चंदाडीह लखनपुर गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक महिला और तीन बच्चे शामिल हैं।

    थाना क्षेत्र के चंदाडीह लखनपुर गांव में बंजारों का कुछ परिवार टेंट बनाकर पिछले कुछ दिनों से रह रहा था। रविवार की शाम छह बजे बारिश के दौरान तेज आवाज के साथ एका-एक टेंट पर बिजली गिर गई। इससे टेंट पूरी तरह से जलकर राख हो गया और टेंट में सो रहे सात में से चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

    टेंट में एक साथ सात लोग सो रहे थे

    मृतकों की पहचान पश्चिम बंगाल के कोटशिला के धुनू चौधरी की पत्नी 25 वर्षीय नेहा चौधरी, बेटा 11 वर्षीय अंकित चौधरी, पांच वर्षीय गगन चौधरी और बटी एक वर्षीय ईच्छा कुमारी के रूप में हुई है।

    हादसे में धनु चौधरी बाल-बाल बच गए। घटना के समय टेंट में कुल सात लोग थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से 108 एंबुलेंस को फोन कर घटना की जानकारी दी गई। 108 एंबुलेंस से सभी को नारायणपुर सीएससी लाया गया।

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    यहां आयुष चिकित्सक डॉक्टर दिलीप बराई के द्वारा जांच की गई और मौत की पुष्टि के लिए सभी को जामताड़ता अस्पताल भेज दिया गया, जहां देर रात चारों को डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत करार दिया।

    आरोप है कि डॉक्टरों ने लापरवाही की

    इधर, घटना के बाद डॉक्टर दिलीप बराई खुद इस दुविधा में थे कि बिजली की चपेट में आए इन लोगों की मौत हुई है या नहीं। यहां डॉक्टरों की हालत यह थी कि वह इलाज करना तो दूर मौत तक की पुष्टि कर पाने असमर्थ दिखे।

    उन्होंने कहा कि जामताड़ा में ही इस बात की पुष्टि हो पाएगी। मामले की सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी दिलीप कुमार भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।

    इस दौरान कागजी प्रक्रिया पूरी करने में ही 17 मिनट तक मृतकों के शव को सीएचसी प्रांगण में ही खड़ा रखा गया। अपना पूरा परिवार उजड़ जाने से गमजदा धुनू चौधरी का रो-रोकर बुरा हाल था।

    डॉक्टरों की लापरवाही से भड़के विधायक

    घटना की सूचना मिलते ही जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिले। स्थानीय विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि नारायणपुर सीएचसी का संचालन भगवान भरोसे हो रहा है। यहां के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी श्रीकृष्ण गुप्ता धनबाद में रहते हैं।

    उन्होंन कहा कि यहां की व्यवस्था चौपट है। यहां के डॉक्टर धनबाद रहकर यहां की नौकरी करते हैं। यह बर्दाश्त से बाहर है। कहा कैसी व्यवस्था है कि मौत होने के बाद भी डॉक्टर मौत की पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं। एक तो परिवारवाले घटना से दुखी है। मौत की पुष्टि के लिए उन्हें परेशान करने के लिए सदर अस्पताल जामताड़ा भेजा जाता है।

    विधायक ने कहा- मुख्यमंंत्री से करेंगे मुलाकात

    जामताड़ा विधायक ने कहा कि अस्पताल को सरकार के द्वारा सारे संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, बावजूद इसके नारायणपुर सीएससी में अंधेरा कायम रहता है। यह जांच का विषय है।

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    उन्होंने कहा कि मामले को लेकर वे राज्य के मुख्यमंत्री से मिलेंगे तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे। ऐसी व्यवस्था से ही मानवता शर्मसार होती है।

    यह बर्दाश्त करने के लायक घटना नहीं है। मृतक के स्वजनों को हर संभव सरकारी लाभ दिलाया जाएगा। मृतक के परिजनों को जो भी संभव होगा, वह अपनी ओर से मदद करेंगे

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