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    आंगनवाड़ी कर्मियों की ग्रेच्युटी पर फैसला राज्यों का अधिकार, केंद्र ने लोकसभा में दी जानकारी

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 03:03 PM (GMT+05:30)

    केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती, सेवा शर्तें और ग्रेच्युटी का फैसला राज्य सरकारों का अधिकार है। सरकार ने बता ...और पढ़ें

    ग्रेच्युटी पर फैसला राज्य सरकारों का अधिकार: केंद्र।

    ग्रेच्युटी पर फैसला राज्य सरकारों का अधिकार: केंद्र।

    HighLights

    1. ग्रेच्युटी पर फैसला राज्य सरकारों का अधिकार: केंद्र।

    2. आंगनवाड़ी कर्मियों को मानदेय वृद्धि और कई लाभ।

    संवाद सहयोगी, खूंटी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सेवा शर्तों तथा ग्रेच्युटी को लेकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती, सेवा शर्तें, सेवानिवृत्ति लाभ और ग्रेच्युटी जैसे विषय राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। केंद्र सरकार ने इस संबंध में कोई नया दिशा-निर्देश जारी नहीं किया है।

    लोकसभा में खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा के प्रश्न के लिखित उत्तर में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं स्थानीय समुदाय की मानद कार्यकर्ता हैं, जिन्हें सेवाओं के बदले मानदेय दिया जाता है।

    उन्होंने बताया कि 1 अक्टूबर 2018 से कार्यकर्ताओं का मानदेय 3,000 रुपये से बढ़ाकर 4,500 रुपये तथा सहायिकाओं का 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,250 रुपये प्रतिमाह किया गया है। इसके अलावा प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है तथा राज्य सरकारें अपने स्तर से अतिरिक्त टॉप-अप राशि उपलब्ध करा सकती हैं।

    सरकार के अनुसार मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत सभी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए हैं और पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से कार्यों का डिजिटलीकरण किया गया है।

    साथ ही सहायिकाओं को कार्यकर्ता तथा कार्यकर्ताओं को पर्यवेक्षक पद पर पदोन्नति के अवसर, 20 दिन का वार्षिक अवकाश, 180 दिन का सवैतनिक मातृत्व अवकाश और गर्भपात की स्थिति में 45 दिन का सवैतनिक अवकाश जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    केंद्र ने यह भी बताया कि पात्र आंगनवाड़ी कर्मियों को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना से जोड़ने के लिए राज्यों को प्रोत्साहित किया गया है।

    इसके अलावा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना तथा आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जा रहा है। वहीं, ग्रेच्युटी भुगतान पर अंतिम निर्णय संबंधित राज्य सरकारें ही लेंगी।

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