यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सर, बहन है वहां! तस्करी के लिए लड़कियों को दिल्ली ले जा रहा था दलाल, पकड़े जाने पर जवाब सुन RPF के उड़े होश
झारखंड के कोडरमा में आरपीएफ ने तस्करी के लिए दिल्ली ले जा रहे तीन नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया है। कोडरमा रेलवे पुलिस फोर्स ने मौके से एक तस्कर क ...और पढ़ें

HighLights
- कोडरमा रेल पुलिस ने 3 नाबालिग लड़कियों को किया रेस्कयू
- दलाल के गांव की ही थी तीनों लड़कियां
संवाद सहयोगी, कोडरमा: कोडरमा रेल पुलिस ने तस्करों के चुंगल से 3 नाबालिग लड़कियों को रेस्कयू किया है। तीनों को दिल्ली ले जाया जा रहा था।
इसकी सूचना कोडरमा आरपीएफ को मिली और उन्होंने लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया। उन्होंने एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया है।
स्वर्ण जयंती ट्रेन से ले जा रहा था दिल्ली
कोडरमा रेलवे पुलिस फोर्स के अनुसार, आरपीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ नाबालिग लड़कियों को रांची से स्वर्ण जयंती ट्रेन से तस्करी के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था।
इसके बाद कोडरमा आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर तीनों नाबालिग लड़कियों को बचा लिया। झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस जैसे ही कोडरमा स्टेशन पर रुकी टीम ने उन्हें तस्करों से छुड़ा लिया।
लड़कियां कोडरमा चाइल्ड लाइन को सुपुर्द
फिलहाल, गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ की जा रही है। कोडरमा रेल पुलिस ने रेस्कयू तीनों नाबालिग लड़कियों को कोडरमा चाइल्ड लाइन को सुपुर्द कर दिया हैं। इसकी जानकारी उनके स्वजन को भी दे दी गई है।
पकड़े गए बाल तस्कर कि पहचान आनंद मशी नाग के रूप में हुई है, जो खूंटी के साई थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पूछताछ में तस्कर ने बताया कि सभी लड़कियां खूंटी की ही रहने वाली हैं।
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(पकड़ा गया तस्कर आनंद मशी नाग)
पकड़े जाने पर तस्कर ने कहा...
उसने कहाकि वो इन्हें अपनी बहन के यहां दिल्ली घूमाने ले जा रहा था। फिलहाल, कोडरमा रेल पुलिस मामले की जांच कर हक्कीत का पता लगाने में जुटी हुई है।
कोडरमा आरपीएफ निरीक्षक जवाहर लाल ने बताया कि इन नाबालिग बच्चियों को बहला-फुसला कर दिल्ली काम कराने ले जाया जा रहा था।
मोबाइल ट्रांजेक्शन में मिले सुबूत
पकड़े गए बाल तस्कर के मोबाइल पर पैसे के ट्रांजेक्शन के भी सुबूत पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि मामला बाल तस्करी का है। इधर चाइल्ड लाइन कोडरमा में बच्चियों का काउंसिलिंग की जा रही है।
गौरतलब है कि बड़ी संख्या में बिहार-झारखंड से बाल मजदूरों को तस्करी कर दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों में ले जाया जाता है। वहां इन्हें बाल मजदूरी के दलदल में धकेल दिया जाता हैं।
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वहीं, इसके एवज में तस्करी करने वाले तस्करों को मोटी रकम दी जाती हैं। कई बार तो इनके माता-पिता की भी इसमें सहमति होती है।
मामला पूरी तरह से मानव तस्करी का है। बच्चों की काउंसिलिंग में इस तरह की बात सामने आयी है। उन्होंने कहा कि बच्चियों को तस्करों के द्वारा अच्छे से ब्रेन वॉश किया जाता है, ताकि वे मामले की सच्चाई कहीं नहीं बताए। - शैलेश कुमार, सीडब्ल्यूसी सदस्य
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