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    कोडरमा कॉलेजों का विनोबा भावे से नाता टूटा, अब गिरिडीह विश्वविद्यालय से संबद्धता पर छात्रों का विरोध

    Updated: Thu, 28 May 2026 03:07 PM (IST)

    सरकार ने कोडरमा के कॉलेजों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से हटाकर सर जेसी बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह से संबद्ध करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप ...और पढ़ें

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    संवाद सहयोगी, कोडरमा। कोडरमा जिले के सभी अंगीभूत एवं मान्यता प्राप्तकॉलेजों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से अलग कर सर जेसी बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह से संबद्ध करने की प्रक्रिया पर सरकार ने अंतिम मुहर लगा दी है।

    इस संबंध में गजट प्रकाशित होने के बाद शिक्षा जगत में बहस तेज हो गई है। छात्र संगठनों, कॉलेज प्राध्यापकों और जनप्रतिनिधियों ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि हजारीबाग कोडरमा के लिए दूरी और यातायात के लिहाज से अधिक सुविधाजनक था, जबकि गिरिडीह जाने में छात्रों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ेगी।

    जेजे कॉलेज से हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय की दूरी 60 किलोमीटर है और यहां बस से जाने में 100-130 रुपये और ट्रेन से काफी कम किराया लगता है। वहीं, गिरिडीह स्थित सर जेसी बोस विश्वविद्यालय जेजे कॉलेज से 127 किलोमीटर दूर है, जहां जाने के लिए विद्यार्थियों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी।

    इसके अलावा, गिरिडीह स्थित नवसृजित विश्वविद्यालय शहर से 7 किलोमीटर दूर है, जिससे स्टेशन से उतरकर अतिरिक्त परिवहन का सहारा लेना पड़ेगा। विश्वविद्यालय स्थानांतरण के सरकार के फैसले को अव्यवहारिक बताते हुए छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।

    जानकारों का मानना है कि नवसृजित विश्वविद्यालय में अभी संसाधन और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह विकसित नहीं हुई है। इसमें अभी वक्त लगेगा। ऐसे में परीक्षा, रिजल्ट और अन्य शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं। जबकि विनोबा भावे विश्वविद्यालय लगभग साढ़े तीन दशकों से स्थापित है और यहां पर्याप्त संसाधन एवं इसकी रैंकिंग भी काफी बेहतर है।

    परीक्षा और रिजल्ट के अलावा अन्य कार्यों को लेकर विद्यार्थियों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। डिजिटल डाक्यूमेंट तो आसानी से स्थानांतरित हो जाएंगे, लेकिन फिलहाल विनोबा भावे विश्वविद्यालय में रखे तमाम कागजात सही सलामत गिरिडीह तक पहुंचाना भी किसी चुनौती से कम नहीं। विश्वविद्यालय स्थानांतरण को लेकर गजट प्रकाशन के बाद इस फैसले का पुरजोर विरोध शुरू हो गया है।

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    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री नितेश तिवारी ने बताया कि मंगलवार को इस मामले को लेकर बैठक की गई है और चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय स्थानांतरण से होने वाली परेशानियों से अवगत कराया जा रहा है।

    कई पूर्व छात्र नेताओं ने भी जेजे कॉलेज बचाओ और विनोबा भावे विश्वविद्यालय से संबंध कायम रखने की मुहिम से जुड़ गए हैं। पूर्व छात्र नेता देवेंद्र कुमार की अगुवाई में शुक्रवार को कॉलेज परिसर में विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी।

    पूर्व छात्र नेता महेश भारती ने भी इस मामले को लेकर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।