Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कोडरमा में हाथियों का आतंक: इंसानों के बाद अब मवेशियों पर हमला, वन विभाग खदेड़ने में असफल

    Updated: Fri, 27 Mar 2026 09:37 AM (IST)

    कोडरमा में जंगली हाथियों का आतंक बढ़ गया है, अब वे मवेशियों को भी निशाना बना रहे हैं। झरीटांड और ढेबुआडीह गांवों में हाथियों ने कई मवेशियों को कुचलकर ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    संवाद सहयोगी, कोडरमा। कोडरमा थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक इंसानों को निशाना बनाने वाले हाथियों ने मवेशियों पर भी हमला तेज कर दिया है।

    ताजा घटना झरीटांड और ढेबुआडीह गांव की है, जहां बीती रात हाथी ने यहां कई मवेशियों को कुचलकर मार डाला। बताया जा रहा है कि झरीटांड़ गांव के बाहर सड़क किनारे बंधे दो पशु भी हाथी के हमले का शिकार हो गए। वहीं मवेशियों के गौशाला को तहस-नहस कर दिया।

    घर से बाहर निकलने में डर रहे लोग

    घटना के बाद गांवों में दहशत का माहौल है। लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं, वहीं हाथी गांव के पास स्थित जंगलों में छिपे हुए हैं, जिससे खतरा लगातार बना हुआ है।

    इधर कोडरमा शहरी क्षेत्र के मरियमपुर और बोनाकाली इलाके में भी भय का माहौल है। उल्लेखनीय है कि यहां बुधवार रात हाथी के हमले में एक महिला और 40 वर्षीय बालेश्वर सोरेन की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके बाद से लोग बेहद सहमे हुए हैं।

    हाथी को खदेड़ने में सफल नहीं रही वन विभाग की टीम

    स्थानीय लोगों के अनुसार, एक हाथी झुंड से बिछड़कर उत्पात मचा रहा है, जबकि अन्य हाथियों का दल बागीटांड और कोडरमा घाटी के जंगलों में देखा गया है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण हाथी को खदेड़ने में सफलता नहीं मिल सकी।

    खबरें और भी

    ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों को आशंका है कि हाथी कभी भी फिर हमला कर सकते हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

    यह भी पढ़ें- गढ़वा के रमकंडा में रामनवमी जुलूस पर पथराव, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले; मीडिया पर लाठीचार्ज

    यह भी पढ़ें- झारखंड में 207 डिप्टी कलेक्टर को मिली पोस्टिंग, इनमें बिहार के 10 और यूपी के 3 अधिकारी