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कोडरमा यौन शोषण मामला: पूर्व सिविल सर्जन का करीबी राज आर्यन गिरफ्तार, नाबालिग को कोचिंग से नर्सिंग होम ले जाने का आरोप

Published: Sun, 25 Oct 2026 04:35 PM (IST)Updated: Sun, 25 Oct 2026 06:06 PM (IST)

कोडरमा में नाबालिग आदिवासी युवती के यौन शोषण मामले में पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार के करीबी राज आर्यन ...और पढ़ें

केस में समझौते के लिए दबाव बनाने में भी था शामिल, 50 हजार रुपये नकद बरामद।

केस में समझौते के लिए दबाव बनाने में भी था शामिल, 50 हजार रुपये नकद बरामद।

HighLights

  1. पूर्व सिविल सर्जन के करीबी राज आर्यन को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

  2. नाबालिग पीड़िता को कोचिंग से नर्सिंग होम ले जाने का आरोप।

  3. समझौता कराने और मेडिकल जांच में बाधा डालने का प्रयास।

संवाद सूत्र, कोडरमा। नाबालिग आदिवासी युवती के कथित यौन शोषण मामले में पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार के करीबी राज आर्यन उर्फ छोटू को पुलिस ने रविवार को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, राज आर्यन तत्कालीन सिविल सर्जन का काफी करीबी था और उनके कथित अनैतिक कार्यों में सहयोग करता था।

बताया जाता है कि सिविल सर्जन के बुलाने पर वह पीड़िता को कोचिंग से अपनी गाड़ी में बैठाकर उनके नर्सिंग होम तक ले जाता था। वह डाॅ. अनिल कुमार के निजी चालक के तौर पर भी काम करता था। ऐसे में इस मामले में उसकी भूमिका को अहम माना जा रहा है।

पुलिस ने उसे बरही थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उसके पास से 50 हजार रुपये नकद बरामद किया गया और एमजी हेक्टर कार जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार, राज आर्यन को मामले से जुड़े कई तथ्यों की जानकारी थी। इसी कारण पुलिस पहले भी उसका बयान दर्ज कर चुकी थी और उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी।

आरोप है कि सिविल सर्जन की गिरफ्तारी के बाद वह पीड़िता के गांव पहुंचा और उसके स्वजन से संपर्क कर मामले में समझौता कराने का प्रयास किया। इस दौरान स्वजन को प्रलोभन देने और दबाव बनाने के आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है।

मेडिकल जांच नहीं होने के मामले में भी भूमिका की पड़ताल

मामले में पीड़िता की मेडिकल जांच नहीं हो पाने को लेकर भी राज आर्यन की भूमिका की जांच की जा रही है। आरोप है कि उसने पीड़िता के स्वजन को कथित तौर पर प्रभावित किया, जिसके कारण शुरुआत में मेडिकल जांच नहीं हो सकी।

बाद में पीड़िता की मां को सदर अस्पताल लाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में कई घंटे लगने की बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, सदर अस्पताल की एक चिकित्सक की भूमिका को लेकर भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस खंगाल रही मामले की कड़ियां

डाॅ. अनिल कुमार की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस राज आर्यन की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। बरही पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ की गई।

पुलिस अब इस मामले में उसकी भूमिका, पीड़िता को लाने-ले जाने और कथित तौर पर समझौते के लिए किए गए प्रयासों समेत विभिन्न पहलुओं की गहन जांच कर रही है। जांच में आगे और तथ्य सामने आने की संभावना है। 

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