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दवा नहीं, जहर बन सकती है बिना डॉक्टरी सलाह के ली गई एंटीबायोटिक; शरीर में पनप रहा है 'रेजिस्टेंस'

Published: Tue, 03 Feb 2026 10:05 PM (IST)

लोहरदगा में लोग सामान्य बीमारियों के लिए बिना डॉक्टरी सलाह के सीधे दवा दुकानों से एंटीबायोटिक खरीद रहे हैं। विशेषज्ञों ...और पढ़ें

फाइल फोटो।

फाइल फोटो।

HighLights

  1. बिना डॉक्टरी सलाह एंटीबायोटिक सेवन से बढ़ रहा रेजिस्टेंस।

  2. वायरल बीमारियों में एंटीबायोटिक बेअसर, शरीर को नुकसान।

  3. किडनी-लीवर पर दुष्प्रभाव, स्व-चिकित्सा से बचें।

जागरण संवाददाता, लोहरदगा। झारखंड के लोहरदगा जिले में इन दिनों स्वास्थ्य को लेकर एक खतरनाक प्रवृत्ति देखी जा रही है। सामान्य सर्दी-खांसी, हल्का बुखार या मामूली संक्रमण होने पर भी लोग डॉक्टर के पास जाने के बजाय सीधे दवा दुकानों से एंटीबायोटिक खरीदकर सेवन कर रहे हैं। 

बिना डॉक्टरी जांच और सही जानकारी के दवाओं का यह अंधाधुंध उपयोग न केवल वर्तमान स्वास्थ्य को बिगाड़ रहा है, बल्कि भविष्य के लिए भी एक गंभीर संकट (एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस) पैदा कर रहा है।

बैक्टीरियल नहीं, वायरल में भी उपयोग  

विशेषज्ञों के अनुसार, एंटीबायोटिक केवल बैक्टीरियल संक्रमण के खिलाफ प्रभावी होती है। विडंबना यह है कि जिले में लोग वायरल बीमारियों में भी इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। बिना जरूरत दवा लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर हो रही है।

विशेषज्ञों की राय: क्यों खतरनाक है यह लापरवाही?  

डॉ. राजू कच्छप (सिविल सर्जन): उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना जांच के एंटीबायोटिक का सेवन बेहद खतरनाक है। यह शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक बेअसर होती है, फिर भी लोग इसे ले रहे हैं।  

डॉ. राजेंद्र साहू (चिकित्सा पदाधिकारी): अनावश्यक एंटीबायोटिक लेने से अगली बार बीमारी होने पर वही दवा असर करना बंद कर देती है। इसके अलावा, इसका सीधा दुष्प्रभाव किडनी और लीवर पर पड़ता है, जो लंबे समय में जानलेवा साबित हो सकता है। 

सोमनाथ दत्ता (लैब संचालक): बिना जांच दवा लेना बीमारी के लक्षणों को कुछ समय के लिए दबा तो सकता है, लेकिन उसे जड़ से खत्म नहीं करता। पहले जांच जरूरी है, फिर इलाज।  

तापोस कुमार राय (मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव): लापरवाही से 'एंटीबायोटिकरेजिस्टेंस' जैसी समस्या भयावह रूप ले रही है। लोग जागरूक बनें और स्व-चिकित्सा (Self-medication) से बचें।  

भविष्य के लिए बड़ाखतरा: एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस 

 

डॉक्टरों का मानना है कि जब हम बिना जरूरत दवाएं लेते हैं, तो शरीर के बैक्टीरिया उन दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि भविष्य में जब सचमुच किसी गंभीर संक्रमण के इलाज की जरूरत पड़ती है, तो जीवनरक्षक दवाएं भी शरीर पर काम नहीं करतीं।

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