लोहरदगा में ट्रक ऑनर एसोसिएशन का बड़ा आंदोलन, 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
लोहरदगा-गुमला ट्रक ऑनर एसोसिएशन ने जिला खनन पदाधिकारी के रवैये के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है। गलत तरीके से ...और पढ़ें

जिला खनन पदाधिकारी के रवैये के खिलाफ आंदोलन की घोषणा। जागरण
HighLights
जिला खनन पदाधिकारी के रवैये के खिलाफ आंदोलन की घोषणा।
गलत जुर्माने और अवास्तविक दूरी को लेकर विरोध।
जागरण संवाददाता, लोहरदगा। लोहरदगा-गुमला ट्रक आनर एसोसिएशन की आम बैठक मंगलवार को बक्सीडीपा कार्यालय के समीप अध्यक्ष कवलजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिला खनन पदाधिकारी के कथित रवैये के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की गई।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से ऑक्साइट लदे वाहनों को गलत तरीके से जब्त कर ढाई से तीन लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा रहा है। ऊपर पाट कुजाम से हेसल की वास्तविक दूरी करीब 115 किलोमीटर है, जबकि इसे लगभग 64 किलोमीटर दर्शाकर ट्रकों को तीन से चार घंटे में खाली करने का निर्देश दिया जा रहा है।
ट्रक मालिकों का कहना है कि मार्ग में तीन फॉरेस्ट चेक नाका है, जहां प्रवेश प्रक्रिया में काफी समय लगता है। इसके अलावा बाजार, स्कूल, सड़क जाम, नो-एंट्री, वीआईपी मूवमेंट, धरना-प्रदर्शन, जुलूस, मेला-त्योहार और वाहन खराब होने जैसी परिस्थितियों के कारण तय समय में दूरी पूरी करना व्यावहारिक नहीं है। गुरुदरी, अमतीपानी, कुजाम, चिरोडीह, भैंसबथान और सेरेंगदाग माइंस की दूरी भी कम दर्शाई गई है।
इस संबंध में उपायुक्त और डीएमओ को पूर्व में लिखित आवेदन देकर सुधार की मांग की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने की बात एसोसिएशन ने कही। वर्तमान में दो ट्रक भी जब्त किए गए हैं।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 12 सितंबर को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 21 सितंबर से ऊपर पाट बाक्साइट माइंस में संचालित करीब 1500 ट्रकों का परिचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा।
एसोसिएशन हिंडाल्को कंपनी को भी ज्ञापन सौंपकर जब्त वाहनों को छुड़ाने और विवाद का समाधान कराने की मांग करेगा। साथ ही 12 से 21 सितंबर के बीच ज्ञापन देने के अलावा मशाल जुलूस, नुक्कड़ सभा और धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई। बैठक में सचिव मुद्रिका यादव, कोषाध्यक्ष अभय सिंह, उपाध्यक्ष शशिकांत लाल दास, मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा आदि मौजूद थे।
