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लोहरदगा के 503 सरकारी स्कूलों में वज्रपात का खतरा, बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

Published: Thu, 27 Aug 2026 02:53 PM (IST)

लोहरदगा के 503 सरकारी स्कूलों में तड़ित चालक नहीं हैं, जिससे हजारों छात्र-छात्राएं वज्रपात के खतरे में हैं। 162 स्कूलों ...और पढ़ें

लोहरदगा के 162 स्कूलों में लगे तड़ित चालक पड़े हैं बेकार, कई स्थानों पर हो चुकी चोरी। (तस्वीर: एआई जेनरेटेड)

लोहरदगा के 162 स्कूलों में लगे तड़ित चालक पड़े हैं बेकार, कई स्थानों पर हो चुकी चोरी। (तस्वीर: एआई जेनरेटेड)

HighLights

  1. 503 स्कूलों में तड़ित चालक नहीं, सुरक्षा गंभीर चिंता।

  2. 162 स्कूलों के तड़ित चालक खराब या चोरी हो चुके।

  3. फंड की कमी से सुरक्षा उपाय में देरी, प्रस्ताव भेजा जाएगा।

विक्रम चौहान, लोहरदगा। मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की बढ़ती घटनाओं के बीच लोहरदगा जिले के सरकारी विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में है। जिले के 503 विद्यालयों में तड़ित चालक की व्यवस्था नहीं है। जिससे हजारों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा खतरे में बनी हुई है।

दूसरी ओर जिले के 162 विद्यालयों में पूर्व में लगाए गए तड़ित चालक या तो खराब हो चुके हैं या कई विद्यालयों से चोरी हो गए हैं। इसके बावजूद अब तक उनकी मरम्मत या पुनर्स्थापना की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। लोहरदगा जिला वज्रपात की घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।

हर वर्ष बारिश के मौसम में जिले के विभिन्न हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं होती हैं, जिनमें लोगों की जान भी जाती है। ऐसे में विद्यालयों में तड़ित चालक का नहीं होना चिंता का विषय है।

बरसात के दौरान बच्चे घंटों विद्यालय परिसर में रहते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। विद्यालय विकास मद में वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में राशि नहीं मिली है, ऐसे में इस मद से तड़ित चालक लगा पाना संभव नहीं है।

वर्षों पहले लगाए गए थे तड़ित चालक

वर्ष 2008-09 और वर्ष 2016-17 में जिले के कई विद्यालयों में तड़ित चालक लगाए गए थे, लेकिन समय पर रखरखाव नहीं होने से वे निष्क्रिय हो गए। कई विद्यालयों से तड़ित चालक चोरी भी हो चुके हैं। वहीं बड़ी संख्या में विद्यालय ऐसे हैं, जहां आज तक यह सुरक्षा उपकरण लगाया ही नहीं गया है। इससे विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।

विद्यालयों में तड़ित चालक केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि आपदा से बचाव का महत्वपूर्ण साधन है। इसकी स्थापना से आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में विद्युत धारा सुरक्षित रूप से जमीन में प्रवाहित हो जाती है और जान-माल की क्षति की आशंका काफी कम हो जाती है।

स्थानीय ग्रामीण भीमनाथ शाहदेव कहते हैं- स्कूलों में तड़ित चालक लगाना केवल एक सुरक्षा उपाय नहीं, बल्कि बच्चों के जीवन की रक्षा का अनिवार्य दायित्व है। बारिश के दिनों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बड़ा नुकसान करती हैं। हर विद्यालय में इसकी उपलब्धता से छात्र और शिक्षक भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

बरसात के दिनों में तड़ित चालक नहीं रहने से बच्चे असुरक्षित रहते हैं। जिसके कारण अभिभावकों को हमेशा भय बना रहता है। विद्यालय में तड़ित चालक लगाना अति आवश्यक है, जिससे बच्चे व शिक्षक सुरक्षित रह सकें।
-रेमन साहू, अभिभावक

विद्यालयों में तड़ित चालक नहीं रहने से विद्यार्थियों व शिक्षकों को भय बना रहता है। पूर्व में तड़ित चालक लगाया गया था। लेकिन विद्यालयों से तड़ित चालक की चोरी हो गई। विद्यालयों में तड़ित चालक लगाना आवश्यक है।
-अनिरुद्ध साहू, प्रधानाध्यापक, रामवि चाल्हो, कैरो

जिन विद्यालयों में तड़ित चालक नहीं हैं या खराब हो चुके हैं, उनकी सूची तैयार कर विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-अभिजीत कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, लोहरदगा