लोहरदगा में नई शहरी जलापूर्ति योजना के नाम पर कटे आधा दर्जन पेड़, अनुमति पर उठे सवाल
लोहरदगा में नई शहरी जलापूर्ति योजना के तहत पानी टंकी निर्माण के लिए कथित तौर पर आधा दर्जन पेड़ काट दिए गए। प्रशासन और वन विभाग को इसकी कोई जानकारी नही ...और पढ़ें

पानी टंकी निर्माण हेतु काटे गए लगभग आधा दर्जन पेड़। जागरण
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पानी टंकी निर्माण हेतु काटे गए लगभग आधा दर्जन पेड़।
अंचल प्रशासन और वन विभाग को नहीं थी जानकारी।
जागरण संवाददाता, लोहरदगा। लोहरदगा पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल कार्यालय परिसर में नई शहरी जलापूर्ति योजना के तहत पानी टंकी के निर्माण के लिए कथित तौर पर करीब आधा दर्जन पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है।
बताया जा रहा है कि पानी टंकी निर्माण कार्य में लगी एजेंसी ने बिना संबंधित विभागों को सूचना दिए बगैर गम्हार के बड़े और छोटे पेड़ों को काट दिया। इस गंभीर मामले को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। पेड़ों की कटाई हाइड्रा मशीन की सहायता से की गई है।
पेड़ कटाई के बाद उसे कई टुकड़ों में काटकर पानी टंकी निर्माण कार्य स्थल परिसर में अलग-अलग स्थानों पर रख दिया गया, जिससे उन्हें छिपाने की कोशिश करने की भी चर्चा है। गम्हार के कटे हुए पेड़ों में कई बड़े पेड़ भी हैं, जिनका पर्यावरणीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
मामले की गंभीरता इस बात से भी बढ़ जाती है कि पेड़ों की कटाई की जानकारी न तो अंचल प्रशासन को थी और न ही वन विभाग को। यदि सरकारी भूमि पर पेड़ों की कटाई की गई है तो इसके लिए सक्षम पदाधिकारी से अनुमति लेना जरूरी होता है। ऐसे में बिना अनुमति के हरे भरे पेड़ काटने की आशंका को बल मिलता है।
जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पेड़ों की कटाई वैधानिक प्रक्रिया के तहत हुई या फिर नियमों की अनदेखी कर पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन किया गया।
विभाग में अनुमति की प्रक्रिया अपनाई गई है: पीएम
मामले में निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर रविंद्र कुमार का कहना है कि संबंधित विभाग से विभागीय स्तर पर अनुमति की प्रक्रिया अपनाई गई है। वे इस बारे में इससे अधिक जानकारी नहीं दे सकते हैं।
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इस मामले की कोई जानकारी नहीं हैः सीओ
इस संबंध में सदर अंचलाधिकारी रामनारायण खलखो का कहना है कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां तक उन्हें जानकारी है, उनसे पेड़ों की कटाई के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है। हालांकि, सदर सीओ ने इस पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।
पेड़ों की कटाई की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है: प्रभारी फॉरेस्टर
वन विभाग के प्रभारी फॉरेस्टर विक्की कुमार महतो ने कहा कि विभाग को भी पेड़ों की कटाई की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि यह जांच की जाएगी कि किसकी अनुमति से पेड़ों की कटाई की गई और यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।