Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'छत से टपकता है पानी... टूटकर गिरते हैं प्लास्टर', लोहरदगा में बदहाल शिक्षा-व्यवस्था की खुली पोल; विभाग उदासीन

    By Vikram ChouhanEdited By: Shashank Shekhar
    Updated: Mon, 27 Nov 2023 04:44 PM (IST)

    लोहरदगा के कैरो प्रखंड में उत्क्रमित उच्च विद्यालय नगजुआ का भवन जर्जर है। इससे विद्यालय का संचालन सिर्फ पांच कमरों में चल रहा है। यह जर्जर भवन बच्चों ...और पढ़ें

    'छत से टपकता है पानी... टूटकर गिरते हैं प्लास्टर', लोहरदगा में बदहाल शिक्षा-व्यवस्था की खुली पोल
    'छत से टपकता है पानी... टूटकर गिरते हैं प्लास्टर', लोहरदगा में बदहाल शिक्षा-व्यवस्था की खुली पोल

    HighLights

    1. छात्र-छात्राओं को शौचालय के लिए जाना पड़ता है बाहर, विभाग उदासीन
    2. विद्यालय में कुल 370 विद्यार्थी, महज पांच कमरों में संचालित होता विद्यालय
    3. जिले के कैरो प्रखंड के नगजुआ स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय का हाल

    शंभू प्रसाद सोनी, कैरो (लोहरदगा)। जर्जर विद्यालय भवन, बदहाल व्यवस्था पर शिक्षा की बुनियाद टिकी हुई है। मजबूत भविष्य का निर्माण करने वाले सरकारी विद्यालय की यही तस्वीर है।

    लोहरदगा जिले के कैरो प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित उच्च विद्यालय नगजुआ का भवन जर्जर हो गया है, जिसके कारण विद्यालय का संचालन महज पांच कमरों में हो रहा है। विद्यालय का जर्जर भवन बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।

    कमरों का भवन टूटकर गिर रहा है, जिसके कारण विद्यार्थियों व शिक्षकों को हमेशा भय बना रहता है। बावजूद विभाग बिल्कुल लापरवाह है।

    वहीं दूसरी ओर विद्यालय का शौचालय और भी अधिक जर्जर है। जिसके कारण विद्यार्थी शौचालय का उपयोग नहीं करते हैं। शौचालय नहीं रहने के कारण विद्यार्थियों को खुले में जाना पड़ता है। विद्यालय में कक्षा एक से दसवीं तक का संचालन होता है।

    नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 370

    कैरो (लोहरदगा): विद्यालय में वर्तमान में कुल नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 370 है। जर्जर भवन पर अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। छत से प्लास्टर टूटकर गिरने से भवन काफी जर्जर हो गया है।

    विद्यालय में कुल एक दर्जन से अधिक कमरा है, लेकिन पांच को छोड़कर सभी कमरे जर्जर हैं। जर्जर भवन के कारण बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता है, जिससे विद्यार्थियों की परेशानी और भी बढ़ जाती है। जर्जर भवन के कारण अभिभावकों को अपने बच्चों को विद्यालय भेजने में भी भय बना रहता है।

    खबरें और भी

    क्या कहते हैं विद्यालय के प्रधानाध्यापक

    कैरो (लोहरदगा): विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक धनराज उरांव का कहना है कि जर्जर भवन को ले विभागीय अधिकारियों को कई बार सूचना दी गई है, बावजूद इस पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रधानाध्यापक धनराज उरांव का कहना है कि जर्जर भवन के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

    क्या कहते हैं अध्यक्ष

    कैरो (लोहरदगा): विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नारायण प्रसाद ने कहा है कि विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी भय बना रहता है। विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। वरीय अधिकारियों के आदेश के बाद ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

    बीईईओ ने क्या कहा

    कैरो (लोहरदगा): प्रभारी बीईईओ जयमंगल लोहरा का कहना है कि जर्जर विद्यालय भवन को सूचीबद्ध करते हुए जिला भेजा जाएगा, जिसके बाद अभियंताओं द्वारा जांच के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद भवन निर्माण और मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।

    यह भी पढ़ें: 'महुआ मोइत्रा के आपत्तिजनक बयान पर CM अब तक चुप क्यों', बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री सोरेन पर दागे सवाल

    यह भी पढ़ें: Sahebganj News: कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करने उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, गंगा में लगाई आस्था की डुबकी; देखें तस्वीरें