संताल परगना में मतदाता सूची की विशेष जांच की मांग, बाबूलाल मरांडी ने उठाया डेमोग्राफी बदलाव का मुद्दा
Pakur News: बाबूलाल मरांडी ने संताल परगना, विशेषकर पाकुड़ और साहिबगंज में मतदाता सूची के विशेष सत्यापन की मांग की है।

पाकुड़ में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते बाबूलाल मरांडी और अन्य। (फोटो जागरण)
HighLights
बाबूलाल मरांडी ने मतदाता सूची के विशेष सत्यापन की मांग की।
संताल परगना में डेमोग्राफी बदलाव का मुद्दा उठाया गया।
पाकुड़, साहिबगंज में मुस्लिम आबादी वृद्धि पर चिंता व्यक्त की।
जागरण संवाददाता, पाकुड़। झारखंड विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने संताल परगना, विशेषकर पाकुड़ और साहिबगंज जिले में मतदाता सूची के विशेष सत्यापन की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की डेमोग्राफी में बदलाव आया है, इसलिए चुनाव आयोग को यहां विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वे शनिवार को पाकुड़ परिसदन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मतदाताओं के खतियान और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों की जांच से मूल निवास और पारिवारिक पृष्ठभूमि का सत्यापन किया जा सकता है। इसके लिए तकनीक का भी सहारा लिया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई सामाजिक संगठनों ने चुनाव आयोग, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर संताल परगना में आदिवासियों के विस्थापन और बाहरी लोगों के बसने की शिकायत की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी और गोचर जमीन पर सुनियोजित तरीके से लोगों को बसाया गया तथा बाद में आधार समेत अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए। मरांडी ने कहा कि क्षेत्र में आधार से जुड़े कथित रैकेट का मामला भी सामने आ चुका है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमीन के दस्तावेज नहीं होने पर वंशावली तैयार कर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग से पूरे मामले की विशेष जांच कर मतदाता सूची में अनियमित तरीके से शामिल नामों की पहचान करने की मांग की।
जनगणना और मतदाता सूची के आंकड़ों का दिया हवाला
मरांडी ने 2001 और 2011 की जनगणना के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि पाकुड़ और साहिबगंज में मुस्लिम आबादी में तीन से छह प्रतिशत तक वृद्धि हुई, जबकि आदिवासी आबादी का प्रतिशत घटा है।
उन्होंने पिछले दो विधानसभा चुनावों की मतदाता सूचियों का हवाला देते हुए दावा किया कि पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र में 2019 से 2024 के बीच कुल मतदाताओं की संख्या में करीब 24 प्रतिशत वृद्धि हुई। उनके अनुसार, इस अवधि में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या में करीब 41 प्रतिशत और गैर-मुस्लिम मतदाताओं में करीब 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
मरांडी ने लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के संबंध में दावा किया कि कुल मतदाताओं में 10.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मुस्लिम मतदाताओं की संख्या में करीब 35.5 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि महेशपुर विधानसभा क्षेत्र में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों और क्षेत्र की परिस्थितियों को देखते हुए चुनाव आयोग को विशेष सतर्कता के साथ मतदाता सूची का सत्यापन करना चाहिए, ताकि पात्र मतदाताओं का नाम सुरक्षित रहे और किसी भी तरह की अनियमितता की निष्पक्ष जांच हो सके।
खनिज संशोधन विधेयक पर सरकार पर साधा निशाना
खनिज संशोधन विधेयक के संबंध में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह पूरे देश में लागू हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इसको लेकर लोगों के बीच भ्रम फैला रही है।
उनके अनुसार, संशोधन में मनमाने तरीके से सेस लगाने पर अंकुश लगाया गया है। मौके पर प्रदेश प्रवक्ता दिनेश मरांडी, दुर्गा मरांडी और सरिता मुर्मू मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
