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    रेलवे का मास्टरप्लान: पाकुड़ में जल्द बिछेगी तीसरी-चौथी लाइन, भविष्य में दिल्ली तक सीधी ट्रेन के संकेत

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 04:42 PM (IST)

    पाकुड़ को पूर्व रेलवे के महत्वपूर्ण फ्रेट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें माल परिवहन व्यवस्था का आधुनिकीकरण और ट्रैक की गति में वृद्धि शाम ...और पढ़ें

    पाकुड़ बनेगा पूर्व रेलवे का प्रमुख फ्रेट हब, बढ़ेगी माल ढुलाई और ट्रेनों की पहुंच

    पाकुड़ बनेगा पूर्व रेलवे का प्रमुख फ्रेट हब, बढ़ेगी माल ढुलाई और ट्रेनों की पहुंच

    HighLights

    1. पाकुड़ को पूर्व रेलवे के महत्वपूर्ण फ्रेट हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

    2. मालपहाड़ी साइडिंग पर ट्रेनों की गति 10 से 40 किमी/घंटा होगी।

    3. तीसरी-चौथी लाइन से लंबी दूरी की ट्रेनों का पाकुड़ तक विस्तार संभव।

    संवाद सहयोगी, पाकुड़। पाकुड़ में रेलवे ने माल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने का व्यापक खाका तैयार किया है। ट्रैक की गति बढ़ाने, लोडिंग क्षमता में 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि करने तथा तीसरी-चौथी रेल लाइन के निर्माण की तैयारी के साथ पाकुड़ को पूर्व रेलवे के महत्वपूर्ण फ्रेट हब (माल ढुलाई का प्रमुख केंद्र) के रूप में विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया है।

    इसके साथ ही पहली बार रेलवे के शीर्ष स्तर से यह संकेत भी मिला है कि भविष्य में परिचालन क्षमता बढ़ने पर दिल्ली समेत लंबी दूरी की ट्रेनों का विस्तार पाकुड़ तक किया जा सकता है।

    गुरुवार को मालपहाड़ी रेलवे साइडिंग का निरीक्षण करने पहुंचे पूर्व रेलवे, हावड़ा के महाप्रबंधक मिलिंद के. देऊसकर ने कहा कि एक वर्ष पहले निरीक्षण के दौरान साइडिंग की स्थिति बेहद खराब थी। वर्षों तक समुचित रखरखाव नहीं होने से कई स्थानों पर रेल लाइन जमीन में धंस चुकी थी।

    उन्होंने कहा कि एक रैक को तीन-चार हिस्सों में खड़ा कर लोडिंग करानी पड़ती थी, जिससे रोल-डाउन जैसी घटनाएं होती थीं और सुरक्षा पर भी खतरा बना रहता था।

    उन्होंने बताया कि अब पूरी व्यवस्था को व्यवस्थित कर दिया गया है। एक पूरी रैक को एक साथ खड़ा कर अनुशासित तरीके से लोडिंग कराई जा रही है।

    महाप्रबंधक ने कहा कि अगले कुछ महीनों में साइडिंग ट्रैक पर ट्रेनों की गति वर्तमान 10-15 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी जाएगी। इससे रैक की प्लेसमेंट और डिस्पैच दोनों तेज होंगे तथा पाकुड़ की स्टोन लोडिंग में 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि होगी।

    भूमि मिलते ही शुरू होगा तीसरी-चौथी रेल लाइन का निर्माण:

    महाप्रबंधक ने बताया कि साहिबगंज लूप की तीसरी एवं चौथी रेल लाइन तथा बरहड़वा-मालदा चौथी लाइन परियोजना स्वीकृति के अंतिम चरण में है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, पाकुड़-गोड्डा नई रेल लाइन को अभी स्वीकृति नहीं मिली है और इसकी डीपीआर भी तैयार नहीं हुई है।

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    उन्होंने कहा कि वर्तमान में पाकुड़ से लंबी दूरी की किसी नई ट्रेन के संचालन की योजना नहीं है, क्योंकि यह रेलखंड दो लाइनों पर अत्यधिक व्यस्त है, लेकिन तीसरी और चौथी लाइन बनने के बाद परिचालन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। ऐसे में भविष्य में दिल्ली सहित अन्य महानगरों से आने वाली ट्रेनों को पाकुड़ तक विस्तारित करने की संभावना बनेगी।