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    पाकुड़ के लाल का कमाल: यश आनंद ने NEET-2026 में लहराया परचम, डॉक्टर बनने के सपने को मिली उड़ान

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 03:34 PM (IST)

    यश आनंद ने नीट-2026 में 565 अंक और 26,294 अखिल भारतीय रैंक प्राप्त कर पाकुड़ जिले का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता ने जिले के छात्रों को प्रेरित किया ह ...और पढ़ें

    नीट में यश का परचम, राष्ट्रीय रैंक से बढ़ा पाकुड़ का मान

    नीट में यश का परचम, राष्ट्रीय रैंक से बढ़ा पाकुड़ का मान

    HighLights

    1. यश आनंद ने नीट-2026 में 565 अंक प्राप्त किए।

    2. अखिल भारतीय रैंक 26,294 हासिल कर पाकुड़ का मान बढ़ाया।

    3. दिल्ली के आकाश संस्थान में एक वर्ष तैयारी की।

    संवाद सहयोगी, पाकुड़। सपना बड़ा हो, लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत में निरंतरता हो तो सफलता कदम चूमती है। पाकुड़ के मेधावी छात्र यश आनंद ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-2026) में 565 अंक प्राप्त कर अखिल भारतीय रैंक 26,294 हासिल की है।

    इस उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे पाकुड़ जिले का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से जिले के विद्यार्थियों में भी नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार हुआ है। यश आनंद ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ स्कूल, पाकुड़ से प्राप्त की।

    उन्होंने 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 95.8 प्रतिशत अंक अर्जित की। इसके बाद उन्होंने चिन्मय विद्यालय, बास्टन से विज्ञान संकाय में इंटरमीडिएट की परीक्षा 94.6 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। स्कूल जीवन से ही उनका लक्ष्य चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करना था।

    इंटरमीडिएट के बाद उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली स्थित आकाश संस्थान में एक वर्ष तक कठिन परिश्रम किया। नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और निरंतर अभ्यास के बल पर उन्होंने नीट-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 565 अंक अर्जित किए।

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    यश के पिता गंगाधर मिश्रा और माता अरुणा मिश्रा ने बेटे की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उसकी लगन, अनुशासन और कठिन परिश्रम का प्रतिफल है। वहीं, चाचा आनंद मिश्रा और चाची मोना पांडेय ने भी यश को शुभकामनाएं देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    यश आनंद ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सदस्यों के सतत मार्गदर्शन एवं सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और पूरी निष्ठा के साथ तैयारी की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। उनका सपना एक योग्य चिकित्सक बनकर समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है।

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