30 साल पुराने घोटाले में ACB का एक्शन, पलामू के तीन थानों में छापेमारी कर 6 आरोपियों को दबोचा
एसीबी पलामू ने 30 साल पुराने सरकारी योजना घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

तीन थानों में छापेमारी कर 6 आरोपियों को दबोचा
HighLights
एसीबी ने 30 साल पुराने घोटाले में की कार्रवाई।
पलामू के तीन थाना क्षेत्रों से छह आरोपी गिरफ्तार।
सेवानिवृत्त अधिकारी और ठेकेदार भी शामिल हैं।
जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू में सरकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। एसीबी की पलामू इकाई ने छतरपुर, नौडीहा बाजार और चैनपुर थाना क्षेत्रों में मैराथन छापेमारी कर करीब तीन दशक पुराने मामले में छह आरोपितों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों में कई सेवानिवृत्त लोक सेवक और ठेकेदार शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपित फरार होने में सफल रहे।
गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपितों को पलामू प्रमंडलीय एसीबी कार्यालय लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। इसके बाद देर शाम सभी की मेडिकल जांच कराकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एसीबी के डीएसपी सुदर्शन आस्तिक ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
1990 के दशक में सड़क और कूप निर्माण की योजनाओं में गड़बड़ी
मामला अविभाजित बिहार के समय की सरकारी योजनाओं से जुड़ा है। वर्ष 1996 के आसपास छतरपुर और नौडीहा बाजार क्षेत्र में सड़क और कूप निर्माण समेत ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन कराया गया था। आरोप है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की गई और सरकारी राशि के दुरुपयोग की शिकायत सामने आई।
शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई। वर्ष 2016 में मामला एसीबी के पास पहुंचा, जिसके बाद एजेंसी ने विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों की भूमिका की पड़ताल की गई।
डेढ़ दर्जन आरोपितों में छह गिरफ्तार
एसीबी की जांच में मामले में करीब डेढ़ दर्जन लोगों के आरोपित होने की बात सामने आई। इनमें तत्कालीन सरकारी कर्मियों के साथ योजना से जुड़े संवेदक और अन्य लोग शामिल हैं। गुरुवार को एसीबी ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी शुरू की। कई घंटे चली कार्रवाई के बाद छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
पहले से उपलब्ध जानकारी के अनुसार गिरफ्तार लोगों में छतरपुर थाना क्षेत्र के खाटीन निवासी महेश प्रसाद गुप्ता उर्फ भोला व्यास और नौडीहा निवासी रामचंद्र यादव उर्फ चनर यादव समेत तत्कालीन पंचायत सेवक शामिल हैं। संबंधित पंचायत सेवक अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
खाटीन में सड़क और गोपलापुर में कूप निर्माण से जुड़ा मामला
वर्ष 1994 में खाटीन में जामा मस्जिद से स्व. कार्तिक ठाकुर के घर तक करीब 650 मीटर ईंट सोलिंग सड़क निर्माण की योजना ली गई थी। योजना की प्राक्कलित राशि करीब 96 हजार रुपये थी। आरोपित संवेदक की ओर से सड़क निर्माण कराया गया था।
बाद में तत्कालीन एसडीओ की रिपोर्ट के आधार पर निर्माण कार्य में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए तत्कालीन बीडीओ, पंचायत सेवक और संवेदक समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
इसी तरह नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के गोपलापुर में कूप निर्माण की योजना भी जांच के दायरे में आई। कूप निर्माण का कार्य रामचंद्र यादव को दिया गया था। योजना के अनुरूप निर्माण कराए जाने के बावजूद बाद में सरकारी राशि के कथित गबन को लेकर शिकायत दर्ज की गई।
कई आरोपित अब भी फरार
एसीबी की कार्रवाई के बावजूद मामले में शामिल कई आरोपित अब भी फरार बताए जा रहे हैं। वहीं, कुछ आरोपितों की मृत्यु भी हो चुकी है। एसीबी फरार आरोपितों की तलाश में आगे भी कार्रवाई कर सकती है।
करीब तीन दशक पुराने सरकारी योजनाओं से जुड़े मामले में एक साथ छह आरोपितों की गिरफ्तारी को पलामू में एसीबी की अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। लंबे समय से लंबित इस मामले में हुई कार्रवाई से सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वालों में भी हड़कंप मचा है।
