Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Jharkhand Crime: सात वर्षों से फर्जी आइएएस अधिकारी बनकर घूम रहा था राजेश, हुसैनाबाद पुलिस ने दबोचा

    By Kamlesh Vishwakarma Edited By: Kanchan Singh
    Updated: Sat, 03 Jan 2026 06:47 PM (IST)

    हुसैनाबाद पुलिस ने राजेश कुमार नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 6-7 सालों से खुद को नकली आईएएस अधिकारी बताकर घूम रहा था। वह 2014 बैच के ओ ...और पढ़ें

    कई साल तक यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की, सफलता नहीं मिली तो बन गया नकली आइएएस अफसर।

    कई साल तक यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की, सफलता नहीं मिली तो बन गया नकली आइएएस अफसर।

    HighLights

    1. राजेश कुमार 6-7 साल से नकली आइएएस अधिकारी बना था।

    2. हुसैनाबाद पुलिस ने फर्जी आइएएस को गिरफ्तार कर जेल भेजा।

    3. यूपीएससी में असफल होने पर उसने यह धोखाधड़ी का रास्ता अपनाया।

    संवाद सूत्र, हुसैनाबाद (पलामू)। हुसैनाबाद थाना पुलिस ने एक फर्जी आइएएस अधिकारी बनकर घूम रहा युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह फर्जी आइएएस राजेश कुमार हैदरनगर थाना क्षेत्र के कुकही गांव का निवासी है। वह शुक्रवार को हुसैनाबाद थाना पहुंचा था।

    यहां खुद को 2014 बैच के ओडिशा कैडर का आइएएस बताया। ओडिशा भुवनेश्वर के खरेवाला नगर में सीएओ के पद पर स्वयं को तैनात बताया। हुसैनाबाद के थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी से राजेश की बातचीत हो रही थी। इसी क्रम में थाना प्रभारी ने राजेश कुमार से उसकी पोस्टिंग के बारे में पूछा।

    इस पर उसने बताया कि वह भुवनेश्वर, देहरादून, हैदराबाद में काम कर चुका है। थाना प्रभारी के यह पूछे जाने पर कि तीन अलग-अलग राज्यों में पोस्टिंग कैसे हुई... इसके जवाब में राजेश कुमार ने बताया कि वह आइएएस आफिसर है। यूपीएससी कैडर से चयनित हुआ है।

    बातचीत के क्रम में पुलिस को शक हुआ। पूछताछ में पता चला कि राजेश कुमार खुद को आइएएस अधिकारी बताकर बड़ा काम कराने की कोशिश में था। इस दौरान पुलिस ने राजेश से उसका परिचय पत्र, नियुक्ति संबंधी दस्तावेज मांगे। वह प्रमाण नहीं दे सका।

    खबरें और भी

    जांच के दौरान पुलिस को उसके पास से एक फर्जी आइएएस अधिकारी का परिचय पत्र बरामद हुआ। वह अपनी गाड़ी पर गवर्नमेंट आफ इंडिया सीएओ टेलीकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट लिखकर चलता था। पुलिस कुकही गांव पहुंचकर ग्रामीणों से राजेश के बारे में जानकारी ली तो कई ग्रामीणों ने बताया कि वह हमलोगों को भी आइएएस अधिकारी ही बताता था।


    राजेश कुमार खुद को आइएएस अधिकारी बताकर 6-7 वर्षों से घूम रहा था। जांच के दौरान पता चला कि वह नकली आइएएस अधिकारी है। उसके पिता का सपना था कि वह आइएएस बने। यूपीएससी की परीक्षा में वह चार बार शामिल हुआ। परंतु इसमें सफल नहीं हुआ। पुलिस राजेश कुमार के विरुद्ध हुसैनाबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे का अनुसंधान शुरू कर दिया है।
    - एस.मोहम्मद याकूब, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी,हुसैनाबाद,पलामू।