झारखंड में NPU कुलपति का वॉट्सएप अकाउंट हैक, छात्र से मांगे गए 55 हजार रुपये; विश्वविद्यालय ने की ये अपील
नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश सिंह का व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया है, जिससे साइबर अपराधियों ने एक छात्र से 55 हजार रुपये की मांग की।

एनपीयू के कुलपति प्रो. दिनेश सिंह। फोटो जागरण
HighLights
एनपीयू कुलपति प्रो. दिनेश सिंह का व्हाट्सएप अकाउंट हैक हुआ।
साइबर अपराधियों ने छात्र से 55 हजार रुपये की मांग की।
विश्वविद्यालय ने सभी को साइबर धोखाधड़ी से बचने की अपील की।
जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय (एनपीयू) के कुलपति प्रो. दिनेश सिंह का व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने का मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने उनके आधिकारिक मोबाइल नंबर 9412931556 के वॉट्सएप अकाउंट का दुरुपयोग करते हुए लोगों को संदेश भेजने शुरू कर दिए।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट छात्र रंजन यादव को मैसेज भेजकर 55 हजार रुपये की मांग की गई। हालांकि छात्र ने सतर्कता दिखाते हुए रुपये ट्रांसफर नहीं किए, जिससे वह साइबर ठगी का शिकार होने से बच गया।
शिकायत दर्ज कराने पहुंचे कुलपति
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कुलपति का वॉट्सएप अकाउंट किस तरीके से हैक किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार कुलपति प्रो. दिनेश सिंह साइबर थाना पहुंचे हैं, जहां इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद साइबर अपराधियों की पहचान कर पूरे मामले की जांच शुरू की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन की अपील
इस बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सभी मीडिया प्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है।
डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) डॉ. एस.के. पाण्डेय द्वारा जारी जनहित सूचना में कहा गया है कि कुलपति के आधिकारिक मोबाइल नंबर 9412931556 का वॉट्सएप अकाउंट अनधिकृत रूप से हैक कर लिया गया है।
यदि इस नंबर से किसी भी प्रकार का संदेश, धनराशि की मांग, बैंक विवरण, ओटीपी, लिंक, दस्तावेज अथवा अन्य कोई संदिग्ध सूचना प्राप्त होती है तो उस पर विश्वास न करें और न ही किसी प्रकार की धनराशि भेजें या गोपनीय जानकारी साझा करें।
संदिग्ध गतिविधि की दें सूचना
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित प्राधिकरणों को मामले की सूचना दे दी गई है तथा वॉट्सएप अकाउंट को सुरक्षित कराने की प्रक्रिया जारी है।
यह जनहित सूचना साइबर धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के उद्देश्य से जारी की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कुलपति के नाम से आने वाले किसी भी संदेश की पुष्टि किए बिना कोई आर्थिक लेनदेन न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
