झारखंड के सिक्का गांव में रहस्यमय मौतों पर सियासत तेज, भाजपा ने हेमंत सरकार पर बोला हमला
पलामू के सिक्का गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की रहस्यमय मौत के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा ने पीड़ित परिवार से मिलकर सरकार की कार ...और पढ़ें

मृतक परिवार के घर पहुंची भाजपा टीम। फोटो जागरण
HighLights
सिक्का गांव में पांच रहस्यमय मौतों पर सियासत तेज।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना जताई।
सरकार से उच्चस्तरीय जांच और मुआवजे की मांग की।
संवाद सूत्र, पड़वा (पलामू)। पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की रहस्यमय बीमारी से हुई मौत के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को भाजपा जिलाध्यक्ष अमित तिवारी के नेतृत्व में पार्टी का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा।
प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की, आर्थिक सहयोग प्रदान किया और राज्य सरकार, जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए।
भाजपा जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि घटना को 12 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि जब राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स से भी समय पर जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो रही है, तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने मांग की कि पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट शीघ्र सार्वजनिक की जाए, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।
सरकारी व्यवस्था पर उठे सवाल
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री प्रभात कुमार भुइयां ने आरोप लगाया कि एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत जैसी गंभीर घटना के बाद भी सरकार और प्रशासन की ओर से बीमारी के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
साथ ही पीड़ित परिवार को अब तक कोई समुचित आर्थिक सहायता भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने कहा कि सिक्का गांव मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) से महज 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की कोई विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम गांव नहीं पहुंची। यदि समय रहते विशेषज्ञों की टीम जांच करती, तो संभावित संक्रमण की आशंका और अन्य जोखिमों का आकलन किया जा सकता था।
भाजपा ने राज्य सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, पीड़ित परिवार को पर्याप्त मुआवजा देने तथा गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर लोगों की चिकित्सकीय जांच कराने की मांग की।
इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र पांडेय, वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम सिंह, दुर्गा जौहरी, भाजयुमो जिलाध्यक्ष डॉ. विपुल गुप्ता, प्रखंड अध्यक्ष वशिष्ठ मेहता, धर्मेंद्र पाठक, राकेश पांडेय, यमुना सिंह, जितेंद्र तिवारी, विजय ठाकुर सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
पांच मौतों से दहला सिक्का गांव
सिक्का गांव निवासी कुलदीप मेहता, उनकी बेटी बबिता और इंदु कुमारी की मौत पहले मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई थी। इसके बाद 28 जून को कुलदीप की बहू श्वेता कुमारी तथा 29 जून को पुत्र नकुल मेहता की रिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार का एक अन्य सदस्य लाखो देवी 52 वर्ष अभी भी रिम्स में भर्ती है और ऑक्सीजन सपोर्ट पर है।
इलाज के लिए गिरवी रखनी पड़ी जमीन
परिवार के एकमात्र स्वस्थ सदस्य अनुज मेहता, जो बेंगलुरु में मजदूरी करते हैं, घटना की सूचना मिलने पर गांव पहुंचे और उन्होंने ही सभी मृतकों का अंतिम संस्कार किया।
अनुज ने बताया कि इलाज के खर्च के लिए परिवार को 50 हजार रुपये जुटाने हेतु जमीन गिरवी रखनी पड़ी। उनका कहना है कि अब तक सरकार या जिला प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिली है।