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    न पैदल, न साइकिल... स्केटिंग के पहियों पर बाबा धाम जाएंगे पलामू के राजा

    By SachidanandEdited By: Mansi Kumari
    Updated: Sat, 08 Aug 2026 01:03 PM (IST)

    पलामू के हरिहरगंज के युवा राजा ने सावन माह में स्केटिंग करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम की अनोखी यात्रा आरंभ की है। उनकी यह पहल आस्था, साहस और दृढ़ संकल्प ...और पढ़ें

    राजा ने स्केटिंग पर बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा आरंभ की।

    राजा ने स्केटिंग पर बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा आरंभ की।

    HighLights

    1. राजा ने स्केटिंग पर बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा आरंभ की।

    2. यात्रा हरिहरगंज दुर्गा मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई।

    संवाद सूत्र, हरिहरगंज (पलामू)। सावन के पवित्र महीने में जहां लाखों श्रद्धालु पैदल, साइकिल और विभिन्न साधनों से देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं, वहीं पलामू के हरिहरगंज के युवा राजा ने अपनी आस्था को एक अलग पहचान देते हुए स्केटिंग के पहियों पर बाबा धाम की यात्रा शुरू की है।

    यह अनोखी पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे आस्था के साथ-साथ साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का प्रतीक मान रहे हैं। राजा ने अपनी यात्रा की शुरुआत हरिहरगंज दुर्गा मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना और माता का आशीर्वाद लेकर की।

    इसके बाद "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के गगनभेदी जयकारों के बीच वे स्केटिंग करते हुए देवघर के लिए रवाना हुए। उनका लक्ष्य सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचना और भगवान शिव का जलाभिषेक करना है।

    यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने राजा का उत्साहवर्धन किया तथा उनकी सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना की। समाजसेवी जानू चौधरी, खुश रंजन, सतीश गुप्ता, छोटू गुप्ता, गुड्डू कुमार, विकास कुमार और संजय कुमार गुप्ता सहित कई लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए बाबा भोलेनाथ से मंगलमय यात्रा की प्रार्थना की।

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    पूरे मंदिर परिसर में "हर-हर महादेव" के जयकारों से भक्तिमय माहौल बना रहा। हरिहरगंज से शुरू हुई यह अनोखी आस्था यात्रा अब लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है।

    स्थानीय लोगों का मानना है कि राजा का यह साहसिक प्रयास न केवल पलामू, बल्कि पूरे झारखंड के लिए गौरव का विषय है। स्केटिंग के पहियों पर निकली यह यात्रा इस बात का संदेश देती है कि जब आस्था के साथ दृढ़ इच्छाशक्ति जुड़ जाए तो हर मंजिल संभव हो जाती है।