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    झारखंड में बरकाकाना-कोडरमा 133 KM रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी, 3000 करोड़ की लागत

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 02:21 PM (IST)

    केंद्र सरकार ने बरकाकाना से कोडरमा तक 133 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दी है, जिस पर 3000 करोड़ से अधिक की लागत आएगी। यह परियोजना यात् ...और पढ़ें

    झारखंड के कई जिलों में व्यापार, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

    झारखंड के कई जिलों में व्यापार, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

    HighLights

    1. बरकाकाना-कोडरमा रेल लाइन दोहरीकरण को केंद्र सरकार की मंजूरी।

    2. 133 किमी लंबी परियोजना पर 3000 करोड़ से अधिक खर्च।

    3. यात्री व मालगाड़ियों के संचालन में आएगी सुगमता, बढ़ेगा व्यापार।

    संवाद सूत्र, बरकाकाना (रामगढ़)। झारखंड में रेल यातायात को मजबूत और सुगम बनाने के उद्देश्य से बरकाकाना से अरगड्डा, हजारीबाग होते हुए कोडरमा तक रेल लाइन के दोहरीकरण की महत्वाकांक्षी योजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।

    वर्तमान में इस रूट पर सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों के संचालन में कई तरह की कठिनाइयां सामने आती हैं। धनबाद मंडल के एपीआरओ ने बताया कि यह दोहरी लाइन का कार्य प्रक्रिया में है। निर्धारित समय सीमा में कार्य को पूरा करना है।

    रेल मंत्रालय की योजना के अनुसार कोडरमा से बरकाकाना तक लगभग 133 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब तीन हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत आने का अनुमान है। इस रेलखंड के दोहरीकरण से न केवल यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि मालगाड़ियों का संचालन भी अधिक सुचारु रूप से हो सकेगा।

    झारखंड का यह क्षेत्र कोयला उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और यहां से बड़ी मात्रा में कोयला तथा अन्य खनिज देश के विभिन्न हिस्सों में भेजे जाते हैं। दोहरी लाइन बनने के बाद माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी और उद्योगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। योजना के अनुसार इस परियोजना में करीब 17 बड़े पुल और लगभग 180 छोटे पुल-पुलियों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।

    जल्द पूरी कर ली जाएंगी औपचारिकताएं कई स्थानों पर सड़क और रेल

    यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज भी बनाए जाएंगे, ताकि लोगों को रेलवे फाटक पर लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।

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    रेलवे से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि परियोजना की स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया जैसे सर्वेक्षण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, टेंडर और अन्य तकनीकी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

    रेल लाइन से कई फायदे होंगे

    • आय में वृद्धिः रेल लाइन के पास के क्षेत्रों में व्यापार और वाणिज्य बढ़ता है, जिससे आय में वृद्धि होती है।
    • रोजगार के अवसर रेल लाइन के निर्माण और संचालन से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।
    • संचार में सुधार- रेल लाइन से लोगों का आवागमन आसान होता है, जिससे संचार में सुधार होता है।
    • व्यापार में वृद्धिः रेल लाइन से माल की ढुलाई आसान होती है, जिससे व्यापार में वृद्धि होती है।
    • पर्यटन में वृद्धिः रेल लाइन से पर्यटन में वृद्धि होती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा होता है।

    कोडरमा, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ से गुजरती है लाइन

    यह रेल लाइन झारखंड के कोडरमा, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों से होकर गुजरती है। इसलिए इस परियोजना से इन जिलों के लाखों लोगों को सीधा लाभमिलने की संभावना है। दोहरी लाइन बनने के बाद यात्रियों को अधिक ट्रेनें उपलब्ध हो सकेंगी और यात्रा का समय भी कम होगा। साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए भी रेल यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।

    अभी दो एक्सप्रेस व एक पैसेंजर ट्रेन चल रही, नई ट्रेनें मिलने की उम्मीद इस रुट पर अभी दो एक्सप्रेस ट्रेन व एक पैसेंजर ट्रेन चल रही है जो एक्सप्रेस पटना से रांची तक वंदे भारत व आसनसोल से इंटरसिटी एक्सप्रेस हटिया तक चल रही है वहीं कोडरमा से सुबह-शाम बरकाकाना के लिए पैसेंजर ट्रेन चल रही है।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बरकाकाना स्टेशन को सुंदरीकरण कर मॉडल स्टेशन बनाया जा रहा है। इस स्टेशन से विभिन्न राज्यों के लिए ट्रेन चलती है आने वाला दिनों में दोहरी लाइन बन जाने से और भी ट्रेन बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।