बैलेंस चेक करते ही मोबाइल हैक, बैंक खाते से उड़ गए 50 हजार रुपये; रामगढ़ में साइबर ठगी का नया मामला
गिद्दी सी लोकल सेल के लोडर राज आर्यन के बैंक खाते से मोबाइल हैक कर साइबर ठगों ने 50 हजार रुपये उड़ा लिए। उन्होंने हजारीबाग साइबर थाना में शिकायत दर्ज ...और पढ़ें

गिद्दी लोडर राज आर्यन के खाते से 50 हजार की ठगी।
HighLights
गिद्दी लोडर राज आर्यन के खाते से 50 हजार की ठगी।
मोबाइल हैक कर साइबर ठगों ने उड़ाई राशि।
संवाद सूत्र, गिद्दी (रामगढ़)। गिद्दी-सी लोकल सेल में लोडर का काम करने वाले डोकाबेड़ा निवासी राज आर्यन के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 50 हजार रुपये उड़ा लिए हैं। घटना के बाद राज आर्यन ने हजारीबाग साइबर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत संख्या 23408260019693 है।
राज आर्यन ने बताया कि वह गिद्दी सी लोकल सेल में लोडर का काम करते हैं। लेबर लोडिंग के भुगतान के करीब 64 हजार रुपये उनके बैंक खाते में जमा थे। बीते तीन अगस्त की शाम वह मोबाइल से अपने बैंक खाते का बैलेंस चेक कर रहे थे। इसके लिए पिन नंबर डालते ही उनका मोबाइल अचानक हैक हो गया।
उन्होंने मोबाइल को बंद करने का प्रयास किया, लेकिन वह बंद नहीं हो रहा था। काफी प्रयास के बाद भी मोबाइल सामान्य नहीं हुआ। अगले दिन जब उन्होंने बैंक खाते का बैलेंस चेक किया, तो खाते से 50 हजार रुपये की निकासी हो चुकी थी। लेबर लोडिंग के भुगतान की राशि गायब होने की जानकारी मिलते ही वह परेशान हो गए।
इसके बाद उन्होंने बैंक आफ इंडिया रेलीगढ़ा शाखा पहुंचकर मामले की जानकारी बैंक अधिकारियों को दी। बैंक अधिकारियों ने साइबर अपराध का मामला बताते हुए हजारीबाग साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। राज आर्यन ने साइबर थाना में दिए आवेदन में खाते से अवैध रूप से निकाली गई राशि वापस कराने तथा घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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बताया कि अधिकारी ने बताया कि पचास हजार राशि लोकेश भैरवा नामक व्यक्ति के यूनियन बैंक खाता में आनलाइन ट्रांसफर हुआ है। बताया जाता है कि गिद्दी सी लोकल सेल में लोडर के लेबर भुगतान की राशि को साइबर ठगी के माध्यम से गायब किए जाने का यह पहला मामला सामने आया है।
वहीं, हाल के वर्षों में गिद्दी कोयलांचल क्षेत्र में साइबर ठगी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हुई है। सरकार और साइबर अपराध नियंत्रण से जुड़ी एजेंसियों की ओर से लोगों को लगातार सतर्क रहने और किसी अनजान व्यक्ति से ओटीपी, पिन व बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की अपील की जा रही है। इसके बावजूद साइबर ठगी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।