रामगढ़ में हाथियों का आतंक! खेत में काम कर रही महिला को कुचलकर मार डाला; घायल महिला ने भी तोड़ा दम
रामगढ़ के रजरप्पा क्षेत्र में हाथियों के झुंड ने एक महिला को कुचलकर मार डाला, जबकि दो अन्य घायल हो ...और पढ़ें
HighLights
रजरप्पा में हाथियों ने एक महिला को कुचला, मौत।
हाथियों के हमले से दो अन्य ग्रामीण भी घायल।
संवाद सूत्र, रजरप्पा (रामगढ़)। रामगढ़ जिले के ग्रामीण इलाकों में जंगलों से निकलकर गांवों में हाथियों के झुंड का घुसना और उत्पात मचाना आम हो गया है। कई क्षेत्रों में हाथियों के हमले से घरों को नुकसान और जनहानि की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल बना रहता है।
इसी क्रम में सोमवार की अहले सुबह रजरप्पा थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे (रामगढ़–बोकारो मार्ग) से सटे बड़कीपोना पंचायत अंतर्गत डाड़ीटुंगरी निवासी भानो देवी (50 वर्ष), पति फुलेश्वर महतो को हाथियों ने कुचलकर मार डाला। इस झुंड में दो बच्चों के साथ करीब 15 हाथी शामिल हैं।

वहीं, गांव में एक महिला और एक पुरुष के घायल होने की सूचना है। बताया जाता है कि हाथियों का झुंड अहले सुबह बड़कीपोना के बघलता की ओर से गांव पहुंचा। इसी दौरान डाड़ीटुंगरी में अपनी बारी में कृषि कार्य कर रही भानो देवी का सामना हाथियों से हो गया। हाथियों ने उन्हें कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
इसके अलावा हाथियों के हमले में गंभीर रूप से घायल सबीना खातून की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही हाथियों के हमले में जान गंवाने वाली महिलाओं की संख्या बढ़कर दो हो गई है।
घटना के बाद हाथियों का झुंड बड़कीपोना रेलवे स्टेशन और ईदगाह मैदान की ओर बढ़ गया। इससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गयी। फिलहाल हाथियों का झुंड बड़कीपोना रेलवे ओवरब्रिज के समीप झाड़ियों से निकल कर लारी रोड होते हुए मायल स्टेशन की ओर चला गया। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ग्रामीण अपने घरों की छतों पर चढ़ गये।

झाड़ियों से हाथियों के बाहर निकलने की हर हलचल पर गांव में कई बार भगदड़ की स्थिति बनी। ग्रामीणों में भय का माहौल है। साथ ही घटना की सूचना मिलते ही रजरप्पा थाना के एसआई संजय कुमार रजक और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
अधिकारी लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। मुखिया अरविंद सिंह द्वारा लगातार एनाउंसमेंट कराकर ग्रामीणों से हाथियों के पास नहीं जाने की अपील की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बड़कीपोना को भी बंद करा दिया गया, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

