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    रामगढ़ में बेची जा रही ओडिशा और बंगाल की नकली पनीर, शराब भी मिल रहे डुप्लीकेट

    Updated: Mon, 02 Mar 2026 09:01 PM (IST)

    त्योहारों पर रामगढ़ में नकली पनीर, खोवा और मिठाइयों की बिक्री बढ़ जाती है, जिससे स्वास्थ्य को खतरा है। हाल ही में नकली दूध का टैंकर भी पकड़ा गया था। व ...और पढ़ें

    शहर के एक नामचीन दुकान में रखी गई सजाकर रंगीन मिठाईयां। (जागरण)

    शहर के एक नामचीन दुकान में रखी गई सजाकर रंगीन मिठाईयां। (जागरण)

    HighLights

    1. त्योहारों पर नकली पनीर, खोवा, मिठाइयों की बिक्री।

    2. खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई धीमी, अनियमित जांच।

    3. मिलावटी दूध का टैंकर पकड़ा गया, स्वास्थ्य जोखिम।

    दिलीप कुमार सिंह, रामगढ़। त्योहार के आते ही मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों की बल्ले-बल्ले हो जाती है। खासकर पनीर, खोवा के मिठाई, जो मिलावटी तो होता ही है, सेहत के लिए भी काफी खतरनाक साबित होता है।

    होली के आते ही बाजारों में नकली पनीर व खोवा की मिठाइयां की बिक्री धड़ल्ले से शुरू हो गई है। यह एक दुकान नहीं करीब-करीब मिठाइयों के दुकानों सहित नामचीन दुकानों सहित ठेलों, राशन के दुकानों में बेचा जा रहा है। इसका खुलासा लगातार जिला फूड सेफ्टी विभाग की छापेमारी में होता आ रहा है।

    होटलों से सैंपल भी पनीर, खोवा व कैमिकल युक्त दूध का लिया जाता रहा है। विडंबना यह है कि जांच की रिपोर्ट जबतक आती है तब तक त्योहार आदि खत्म हो जाती है।

    कई दुकानों में तो मेडिकल जांच टीम साथ में ही चलकर मिठाइयों व पनीर की ऑन द स्पाट जांच की तो मिलावटी पकड़ा गया। अरारोट, कुट के टुकड़े, मैदा सहित कैमिकल मिलाकर पनीर आदि को दुकानों में रखकर ग्राहकों को परोसा जा रहा है।

    वसूली जा रही मोटी रकम

    साथ ही उनसे मोटी रकम भी वसूली जा रही है। इसतन ही नहीं वैसे लोग मिठाई में भी इंडस्ट्रीयल रंग का उपयोग भी कर रहे है। जानकारों के अनुसार जो सेहत के लिए अत्यधिक खतरनाक है। त्योहार को लेकर फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारी ने टीम के साथ शहर के कई होटलों में जांच अभियान चलाया था। उसमें कई दुकानों से खाद्य सामग्री का सैंपल भी लिया।

    बिना लाइसेंस के संचालित दुकानों को हिदायत भी दी और कई दुकानों पर जुर्माना भी लगाया था। यह स्थिति आज की नही हर एक से दो माह में होता है। साथ ही त्योहार में तो यह आम हो जाता है।

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    विभाग इस संबंध में बिल्कुल कछुए की चाल चलकर खानापूर्ति कर इतिश्री कर लेता है। यह जांच अभियान नियमित कभी नही चलाया जाता है। इस कारण नकली सामग्री बेचने वालों को भय नही होता है। साथ ही दूध तक कैमिकल युक्त बेचा जा रहा है।

    कुछ दिन पूर्व ही हजारों लीटर दूध का टैंकर पकड़ा गया था फोरलेन के समीप एक होटल के पास से जो उडीशा से आ रही थी। उसमें पानी की मिलावट मोटर से किया जा रहा था। साथ ही कैमिकल मिलाकर उसे ज्यादा लीटर में तब्दील किया जा रहा था।

    इस दौरान निवर्तमान एफएसओ दीपश्री ने होटल संचालक को फाइन करते हुए ट्रैंकर को जब्त कर थाने को सौंपा था। साथ ही मोटर, ट्रक आदि को भी जब्त किया था।

    ऐसे कई उदाहरण है। यह विभाग लगातार जांच अभियान कभी चलाता ही नही और लोगों की सेहत और जान सांसत में पड़ी रहती है। विभाग इस संबंध में कुछ बोलने से भी कतराता है। संसाधन का रोना भी रोया जाता है।