केस लटका तो पुलिस अफसरों को मिलेगा अलर्ट! रामगढ़ में लॉन्च हुआ PRISM पोर्टल; हर मामले में होगी मॉनिटरिंग
रामगढ़ पुलिस ने जांच को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए 'पीआरआइएसएम' पोर्टल का शुभारंभ किया है। यह पोर्टल ...और पढ़ें

पीआरआईएसएम पोर्टल की जानकारी देते हुए पुलिस। जागरण
HighLights
पीआरआइएसएम पोर्टल से जांच होगी समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह।
डिजिटल अलर्ट सिस्टम से 60-90 दिन के मामलों पर नजर।
जागरण संवाददाता, रामगढ़। अनुसंधान को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए रामगढ़ पुलिस ने बुधवार को एक नई डिजिटल पहल की शुरुआत की है। एसपी मुकेश कुमार लुणायत ने बुधवार को पुलिस रिव्यू आफ इंविसिगेशन स्टेटस एंड मॉनिटरिंग (पीआरआईएसएम) नामक पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया।
एसपी ने बताया कि इसका पार्टल का उद्देश्य थाने में एफआइआर दर्ज होने से लेकर अंतिम प्रतिवेदन और आरोप-पत्र दाखिल करने तक हर कांड की एकीकृत मॉनिटरिंग होगी। इस सोच के साथ बने इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जिले के हर थाने में दर्ज आपराधिक कांडों की पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।
इसमें प्राथमिकी की तिथि,अनुसंधानकर्ता का नाम, कांड का प्रकार - विशेष या अविशेष, साक्ष्य संकलन की स्थिति, नामजद अरोपित गिरफ्तार है या फरार, वैज्ञानिक और तकनीकी रिपोर्ट के तथ्य, प्रतिवेदन-टू, प्रगति प्रतिवेदन जैसी सभी कड़ियों को एक ही जगह देखा जा सकेगा।
एसपी ने आगे बताया कि इस पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता इसका डिजिटल रिमांडर और मॉनिटरिंग मैकनिज्म है। 60 और 90 दिन की वैधानिक समय-सीमा वाले कांडों के लिए सिस्टम स्वतः अलर्ट जारी करेगा। समय-सीमा नजदीक आते ही संबंधित अनुसंधानकर्ता और पर्यवेक्षी पदाधिकारी को सूचना मिल जाएगी, ताकि लंबित कार्रवाई समय पर पूरी हो सके।
अधिकारियों को मिलेगी लाइव एक्सेस
एसपी ने बताया कि इस पोर्टल के जरिए पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस निरीक्षक और थाना प्रभारी अपने स्तर पर किसी भी कांड की प्रगति की नियमित समीक्षा कर सकेंगे। यदि किसी बिंदु पर देरी होगी तो तुरंत दिशा-निर्देश देकर अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। इससे अनुसंधान में हो रही अनावश्यक देरी रुकेगी और हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी।
एसपी ने बताया कि जिले में लंबित कांडों के निपटारे के साथ एनसीएलआई यानी न्यू क्रिमिनल ला इम्प्लीमेशन पोर्टल पर रामगढ़ जिले के प्रदर्शन को सुधारना भी पीआरआईएसएम का एक प्रमुख लक्ष्य है।
डेटा-आधारित समीक्षा से यह तय किया जाएगा कि कोई भी कांड वैधानिक अवधि से अधिक लंबित न रहे एसपी ने बताया कि रामगढ़ पुलिस आधुनिक तकनीक के उपयोग से नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और परिणामोन्मुख पुलिसिंग को मजबूत कर रही है।
इसी दिशा में यह पार्टल एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न सिर्फ अनुसंधान की गुणवत्ता और समयबद्धता बढ़ेगी, बल्कि आम लोगों को भी त्वरित न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। वहीं थानों में फाइलों के इंतजार और सूचनाओं के आदान-प्रदान में लगने वाला समय बचेगा।
इससे अनुसंधानकर्ता फील्ड वर्क पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे और कोर्ट में समय पर आरोप-पत्र समर्पित हो सकेंगे। एसपी ने दावा है कि इस डिजिटल सिस्टम से जिले की क्राइम इन्वेस्टिगेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आएगा और पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सकेगा।
