रामगढ़ में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से साइकिल सवार की मौत, मुआवजे के लिए ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
गिद्दी-नईसराय मार्ग पर अज्ञात वाहन की चपेट में आने से संझूल मांझी की मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने ...और पढ़ें

जामकर्ताओं से बात करते डाड़ी सीओ, गिद्दी थाना प्रभारी व अन्य। जागरण
HighLights
अज्ञात वाहन की चपेट में आने से संझूल मांझी की मौत।
ग्रामीणों और परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम की।
संवाद सूत्र, गिद्दी (रामगढ़)। गिद्दी-नईसराय मार्ग में रेलीगढ़ा कांटा के समीप गुरुवार की शाम अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मृत बसरिया निवासी संझूल मांझी के स्वजनों व ग्रामीणों ने गुरुवार की रात करीब साढ़े सात बजे शव को बसरिया के समीप सड़क पर रखकर मुआवजा देने और दुर्घटना में शामिल वाहन के चालक को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया।
इससे गिद्दी-नईसराय मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क जाम की सूचना पर डाड़ी सीओ कमलकांत वर्मा, गिद्दी थाना प्रभारी इकबाल हुसैन व अनि रमेशचंद्र हजाम मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जामकर्ताओं से वार्ता कर नए मोटर अधिनियम के तहत हिट एंड रन मामले में मिलने वाले मुआवजे का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद रात करीब नौ बजे ग्रामीणों ने जाम हटा लिया।
करीब डेढ़ घंटे तक सड़क जाम रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम हटने के बाद गिद्दी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शुक्रवार को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग भेज दिया। वहीं डाड़ी सीओ कमलकांत वर्मा और गिद्दी थाना प्रभारी इकबाल हुसैन ने मृतक के स्वजनों को दाह संस्कार के लिए आर्थिक सहयोग भी किया।
बताते चले कि गुरुवार की शाम करीब साढ़े छह बजे संझूल मांझी साइकिल से गिद्दी की ओर से अपने घर बसरिया लौट रहे थे। इसी दौरान रेलीगढ़ा कांटा के समीप अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में उनके सिर व चेहरे पर गंभीर चोट लगी थी।
स्थानीय लोगों के सहयोग से उन्हें तत्काल गिद्दी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक डॉ. कनौजिया अनिल कुमार ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। संझूल मांझी गिद्दी कालोनी के क्वार्टरों में बागवानी व साफ-सफाई का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मृतक अपने पीछे पत्नी देवंती देवी, पुत्री रश्मि कुमारी, माधुरी कुमारी व इंदू कुमारी तथा पुत्र सतीश किस्कू और देवांशु किस्कू को छोड़ गए हैं। मुआवजा की मांग करने वालों में टोंगी मुखिया रिंकी कुमारी, विनोद किस्कू, रवि, रामप्रसाद, सरजू मांझी, रतन, शिवनारायण, गणेश, लालदेव, विजेंद्र समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल थे।
