बरकाकाना स्टेशन से चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों का रूट 3 महीने के लिए बदला, भाकपा माले ने जताया विरोध
भाकपा माले और झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा बरकाकाना स्टेशन से तीन जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों के तीन महीने के लिए मार्ग परिवर्तन का विरोध कर रही है। उन्होंने ...और पढ़ें

बरकाकाना स्टेशन। (जागरण)
HighLights
तीन जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग तीन माह के लिए बदला।
भाकपा माले और मजदूर सभा ने इसे जनविरोधी बताया।
यात्रियों की असुविधा और आजीविका पर चिंता व्यक्त की।
संवाद सूत्र, बरकाकाना (रामगढ़)। भाकपा माले रामगढ़ जिला सचिव-हीरा गोप और झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा के राज्य अध्यक्ष देवकी नंदन बेदिया ने संयुक्त रूप से प्रेस बयान जारी कर कहा है कि बरकाकाना स्टेशन में एक्सप्रेस ट्रेनें की मार्ग परिवर्तित किया गया और तीन महीना के लिए तीन जोड़ी ट्रेनों का रूट अस्थाई तौर पर बदल दिया गया।
साप्ताहिक ट्रेन का मार्ग परिवर्तन करने के विरोध में भाकपा माले आंदोलन करेगी। प्रशासन के इस निर्णय से यात्रियों को होने वाली भारी असुविधा को देखते हुए पार्टी इसे जनविरोधी मान रही है।
भाकपा माले का एक प्रतिनिधिमंडल पार्टी के आरा सांसद सह रेल कमेटी के मेंबर सुदामा प्रसाद से मिलकर इस मुद्दे को चल रहे संसद सत्र में जोरदार तरीके से उठाने की मांग की है।
मॉडल स्टेशन के रूप में किया जा रहा विकसित
बरकाकाना रेलवे स्टेशन को जहां एक ओर 33 करोड़ रुपये की लागत से मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर यहां से गुजरने वाली तीन जोड़ी ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन किए जाने से बरकाकाना व रामगढ़ के यात्रियों की परेशानी बढ़ने की आशंका है।

हीरा गोप।
रेलवे के इस निर्णय को लेकर यहां के लोगों में काफी अक्रोश देखा जा रहा है। रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक पार्किंग, वेटिंग हाल, रेस्टोरेंट, स्वच्छता व्यवस्था और बैठने की बेहतर सुविधा विकसित की जा रही है।
इस उद्देश्य से बरकाकाना स्टेशन को एक आधुनिक और इनमें आसपास के औद्योगिक क्षेत्र सीसीएल, जिंदल, एनटीपीसी थर्मल पावर, रामगढ़ आर्मी कैंट सहित कई इलाकों से आने वाले लोग शामिल हैं।
रूट बदलने से होगी परेशानी
ऐसे में ट्रेनों का रूट बदलने से यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे। वर्तमान में इस स्टेशन से इंटरसिटी एक्सप्रेस, वंदे भारत, हटिया–आसनसोल एक्सप्रेस, चोपन एक्सप्रेस समेत कई पैसेंजर ट्रेनें चल रही हैं, जिससे यह क्षेत्र का एक प्रमुख रेल केंद्र बना हुआ है।
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साथ ही उन्होंने कहा कि बरकाकाना से रांची तक आने-जाने के लिए लोकल ट्रेन चालू करने की मांग है जिस पर रेलवे प्रबंधन को निर्णय लेना चाहिए।
एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन पर लिए गए निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और स्टेशन की उपयोगिता बनी रहे।
बरकाकाना स्थानीय ऑटो चालक, स्टेशन वेंडर, सफाई कर्मचारी जो स्टेशन में काम करने वाले मजदूर कुली के सामने भूखमरी की स्थिति उत्पन्न नहीं हो गई है। यदि इस पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो भाकपा-माले और झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।