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    रामगढ़ के टोकीसुद रेलवे साइडिंग का होगा पुनर्निर्माण, नॉर्थ कोल माइन से बढ़ेगा रोजगार

    Updated: Fri, 20 Feb 2026 06:50 PM (IST)

    पतरातू प्रखंड में टोकीसुद रेलवे साइडिंग के पुनरुद्धार की प्रबल संभावना है। टोकीसुद नॉर्थ कोल माइन परियोजना के लिए जमीनी कार्य शुरू हो गया है, जिसमें प ...और पढ़ें

    खुलने के इंतजार में टोकीसुद का रेलवे साइडिंग। (जागरण)

    खुलने के इंतजार में टोकीसुद का रेलवे साइडिंग। (जागरण)

    HighLights

    1. टोकीसुद रेलवे साइडिंग के पुनरुद्धार की प्रबल संभावना।

    2. नॉर्थ कोल माइन परियोजना का जमीनी कार्य शुरू हुआ।

    3. स्थानीय ग्रामीणों को मिलेगा सैकड़ों मजदूरों का रोजगार।

    सत्येंद्र पाठक, पतरातू (रामगढ़)। पतरातु प्रखंड के टोकीसुद रेलवे स्टेशन के पास स्थित बंद पड़े अर्धनिर्मित रेलवे साइडिंग के दिन बहुरने की संभावना प्रबल हो गई है।

    क्योंकि बड़कागांव प्रखंड के अंगो एवं उरेज मौजा में खुलने वाले टोकीसुद नॉर्थ कोल माइन परियोजना को खोले जाने की जमीनी कार्यवाही शुरू हो गई है।

    बताया जाता है कि टोकीसुद में बनाए गए साइडिंग का उद्देश्य ही है कि टोकीसुद नॉर्थ कोल माइन परियोजना से जो कोयले का उत्पादन होगा वह टोकीसुद स्थित रेलवे साइडिंग में आएगा, और वहीं से रेलवे रैक के माध्यम से कोयले की आवश्यकता होगी वह भेजी जाएगी।

    टोकीसुद नॉर्थ कोल माइन परियोजना के तहत टोकीसुद रेलवे साइडिंग तक कोयला लाने के लिए पहुंच पथ का निर्माण शुरू हो गया है। इसके साथ ही पेड़ो की कटाई, जमीन की खुदाई आदि कार्य शुरू हो गए है।

    इसके साथ ही रैयतों को मुआवजा का भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। खनन कंपनी के एक जिम्मेवार अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अगले चार छह महीने के अंदर रेलवे साइडिंग के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ताकि यहां से उत्पादित कोयले को साइडिंग में जमा कराया जा सके।

    साइडिंग के पुनर्निर्माण से टोकीसुद, टेरपा, सहित आस पास के एक दर्जन से अधिक गांव के मजदूरों को रोजगार मिलेगा। और जब साइडिंग शुरू होगी तब भी सैकड़ो मजदूरों को लगातार काम मिलने की संभावना है। इससे ग्रामीणों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, और बाजारों में रौनक आएगी।