यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: पहले जेल अधिकारियों पर लगाया ये गंभीर आरोप, जांच हुई तो मुकर गई महिला; पढ़ें पूरा मामले
शुक्रवार को खूंटी उप कारा की एक महिला बंदी के वायरल पत्र में जेल प्रशासन से जुड़े पदाधिकारियों पर लगे सनसनीखेज आरोपों की अधिकारियों ने जांच की। इस माम ...और पढ़ें

HighLights
- जेल निदेशक व खूंटी जिला प्रशासन की प्रारंभिक जांच में महिला के वायरल पत्र की सत्यता संदिग्ध
- फरवरी में एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार हुई थी महिला, उसके ही आग्रह पर कोर्ट ने गर्भपात का दिया था आदेश
राज्य ब्यूरो, रांची। खूंटी उप कारा की एक महिला बंदी के वायरल पत्र में जेल प्रशासन से जुड़े पदाधिकारियों पर लगे सनसनीखेज आरोपों की शुक्रवार को अधिकारियों ने जांच की।
खूंटी के उपायुक्त लोकेश मिश्रा के आदेश पर गठित प्रभारी एसडीओ व महिला चिकित्सक की टीम के अलावा जेल निदेशक मनोज कुमार भी शुक्रवार को खूंटी उप कारा पहुंचे। अधिकारियों ने महिला बंदी का बयान लिया।
महिला बोली नहीं लिखा कोई पत्र
महिला ने बताया कि उसने जेल से कोई भी पत्र नहीं लिखा है। अब तक की छानबीन में यह बात सामने आई है कि आरोप लगाने वाली कथित महिला इसी वर्ष फरवरी महीने में एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार हुई थी। जेल जाने वाली प्रत्येक महिला की मेडिकल जांच होती है, जिसमें वह महिला दो महीने की गर्भवती बताई गई थी।
जेल जाने के बाद उस महिला ने जेल प्रशासन से आग्रह किया था कि वह गर्भपात करवाना चाहती है। इसके लिए महिला ने कोर्ट में आवेदन दिया, जिसपर सुनवाई के बाद कोर्ट ने ही महिला का गर्भपात करवाने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश पर ही महिला का गर्भपात कराया गया था।
जांच में ये आया सामने
जांच टीम ने महिला की दोबारा मेडिकल जांच की, जिसमें दुष्कर्म व गर्भवती का कोई मामला सामने नहीं आया। छानबीन में टीम ने पाया कि उस महिला के साथ किसी प्रकार का शारीरिक शोषण नहीं हुआ है।
महिला व महिला की मां ने महिला दंडाधिकारी के सामने बयान दिया कि जेल में कोई शारीरिक शोषण नहीं किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि किसी ने जान-बूझकर जेल प्रशासन को बदनाम करने के लिए सनसनीखेज आरोप लगाया है।
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क्या है पूरा मामला
खूंटी जेल में रह रही एक महिला बंदी का कथित पत्र गुरुवार को वायरल हुआ था। वायरल पत्र में महिला ने प्रभारी कारापाल व जेल जमादार पर जेल से छोड़ने के एवज में दुष्कर्म कर गर्भवती करने व फिर गर्भपात करवाने का आरोप लगाया था।
वायरल पत्र के अनुसार महिला ने दोनों पर बंदी पत्र नहीं देने, जेल में अश्लील वीडियो दिखाने का भी आरोप लगाया था। उक्त वायरल पत्र राष्ट्रीय महिला आयोग को संबोधित है, जिसकी प्रतिलिपि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, उपायुक्त खूंटी, आइजी जेल को दी गई है।