फेसबुक लाइव के दो घंटे बाद आदिवासी नेत्री निशा भगत का निधन, थाना प्रभारी को फोन कर कही थी जान देने की बात
आदिवासी नेत्री निशा भगत का फेसबुक लाइव वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह रोते हुए कई लोगों पर आरोप लगा ...और पढ़ें
HighLights
आदिवासी नेत्री निशा भगत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
फेसबुक लाइव में रोते हुए कई लोगों पर आरोप लगाए।
जागरण संवाददाता, रांची। इंटरनेट मीडिया पर लाइव आकर रोने के बाद आदिवासी नेत्री निशा भगत ने अपनी जान दे दी। पहले उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर आकर जान देने को मजबूर करने वालों का नाम बताया। फिर फांसी लगा ली।
इंटरनेट मीडिया पर लाइव के दौरान निशा भगत ने पिठौरिया थाना प्रभारी को फोन कर कहा था कि वो अपनी जीवन लीला समाप्त करने जा रही हैं। इससे कुछ घंटे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी साझा की थी। इसमें उन्होंने लिखा था, 'मेरी मौत की जिम्मेदार झारखंड पुलिस।' पोस्ट में उन्होंने मिशनरी, पैसे और जमीन को लेकर भी अपनी बात रखी थी। इस घटना के बाद केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ समेत कई नेता अस्पताल पहुंचे।
कुछ घंटे पहले किया था पोस्ट
इससे कुछ घंटे पहले निशा भगत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी साझा की थी। इसमें उन्होंने लिखा था, 'मेरी मौत का जिम्मेदार झारखंड पुलिस।' पोस्ट में उन्होंने मिशनरी, पैसे और जमीन को लेकर भी अपनी बात रखी है। उनकी पोस्ट और लाइव वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।

निशा की जान जाने के लिए सरकार जिम्मेदार : मरांडी
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जनजातीय समाज की मुखर आवाज रही निशा भगत की आत्महत्या के लिए जानकारी मिली है। उन्होंने झारखंड के सत्ता शीर्ष में बैठे लोगों के साथ पिठोरिया थाना प्रभारी और अजय तिर्की जिम्मेवार है। सरकार की शह पर कुछ दलालों द्वारा आदिवासियों की जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
जनजातीय समाज के हक-अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली और समाज की मुखर आवाज रही युवा नेत्री निशा भगत के आत्महत्या की जानकारी मिली है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM, पिठोरिया थाना प्रभारी और अजय तिर्की को जिम्मेवार ठहराया है। मुख्यमंत्री के इशारे पर कुछ दलालों द्वारा आदिवासियों की जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य के हर थाना और अंचल में जमीन लूट का खेल चल रहा है। आदिवासी समाज आखिर अपनी ही जमीन पर कब तक प्रताड़ित होता रहेगा? इससे अधिक शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता कि आदिवासियों के हक-अधिकारों की आवाज उठाने वाली एक युवा महिला को इस हद तक प्रताड़ित होना पड़े कि वह अपनी जान दे दे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। निशा भगत ने जिन लोगों को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेवार बताया है, उनकी शीघ्र गिरफ्तारी हो तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। @BJP4India @narendramodi @AmitShah @NitinNabin @blsanthosh @BJP4Jharkhand
— Babulal Marandi (@yourBabulal) November 6, 2026
बाबूलाल मरांडी बोले कि आदिवासियों के हक की आवाज उठाने वाली महिला को इस हद तक प्रताड़ित होना पड़ा कि उन्होंने जान दे दे। निशा भगत ने जिन लोगों को जिम्मेवार बताया है, उनकी शीघ्र गिरफ्तारी हो।
जो कुछ हुआ, उससे स्तब्ध और मर्माहत हूं : आदित्य
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि जनजातीय समाज के हक-अधिकारों की मुखर आवाज और उनके हितों के लिए निरंतर संघर्षरत युवा नेता निशा भगत के असामयिक निधन की सूचना से वो स्तब्ध और मर्माहत हैं।