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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand News: पलामू में कलश यात्रा के दौरान घंटों जाम में फंसी रही कई एंबुलेंस; मुश्किल में रही मरीजों की जान

    By Ketan AnandEdited By: Shashank Shekhar
    Updated: Tue, 21 Nov 2023 05:38 PM (IST)

    पलामू में कलश यात्रा को लेकर घंटों जाम लगा रहा। इस दौरान वाहनों का परिचालन तीन घंटे तक ठप रहा। बताया जा रहा है कि इस जाम में कई एंबुलेंस फंसे रहे। वही ...और पढ़ें

    पलामू में कलश यात्रा के दौरान घंटों जाम में फंसी रही कई एंबुलेंस; मुश्किल में रही मरीजों की जान
    पलामू में कलश यात्रा के दौरान घंटों जाम में फंसी रही कई एंबुलेंस; मुश्किल में रही मरीजों की जान

    HighLights

    1. कलश यात्रा के दौरान जाम को लेकर मरीज फंसे रहे।
    2. जाम में यात्री व स्कूली बसें समेत छोटे वाहन फंसे रहे।

    जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू के स्थानीय बैरिया हाउसिंग कॉलोनी मैदान में आयोजित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ सह भागवत कथा पाठ को लेकर निकाली गई कलश यात्रा के दौरान जाम को लेकर मरीज के साथ-साथ आम यात्री हलकान रहें।

    कलश यात्रा को लेकर पुलिस ने छहमुहान, दो नंबर टाउन, आईटीओ रोड मोड़, रेड़मा चौक व बैरिया चौक पर बैरिकेडिंग लगा रखी थी। इस कारण छहमुहान से रेड़मा मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद रही।

    छहमुहान से रांची की ओर रेड़मा के रास्ते जाने वाले सभी वाहनों को तिनकोनिया, सद्दीक मंजिल चौक, बेल वाटिका चौक, दो नंबर टाउन होकर रांची रोड की ओर जाना पड़ा।

    सड़क पर घंटों जाम लगा रहा

    इस कारण अचानक से इस सड़क पर वाहनों का लोड बढ़ गया। इससे इस सड़क पर घंटों जाम लगा रहा। रेड़मा से होकर बाईपास रोड की ओर जाने वाले वाहनों को जेलहाता ओवरब्रिज, गायत्री मंदिर रोड होकर डायवर्ट किया गया। इस कारण अचानक से इस सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। इस कारण कभी जाम नहीं लगने वाली सड़क पर भी जाम लग गया।

    इस जाम में एंबुलेंस से लेकर यात्री बसें व स्कूली बसें समेत छोटे वाहन फंसे रहे। इस कारण मरीजों से लेकर यात्री व छोटे विद्यार्थियों तक को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    कई जगहों पर स्कूली बसें भी फंसी रही

    कोयल पुल की स्थिति तो ओर अधिक खराब दिखी। यहां कई लोग कोयल नदी से बालू व पानी पर पैदल चलकर नदी पार करते देखे गए। वहीं कलश यात्रा में विलंब होने के कारण कई जगहों पर स्कूली बसें भी फंसी रही।

    इससे छोटे-छोटे बच्चों की स्थिति काफी खराब रही। हालांकि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। बावजूद शहरवासी इस बदइंतजामी को लेकर आयोजकों को कोसने से बाज नहीं आ रहे थे।

    'पिता की स्थिति गंभीर हो जाए तो कौन होगा जिम्मेदार'

    रविंद्र चौधरी पलामू व गढ़वा जिले के एक सीमवर्ती गांव के निवासी है। उनके पिता की तबीयत काफी खराब थी। चिकित्सकों की सलाह पर वे अपने पिता को एंबुलेंस से रांची ले जा रहे थे। इसी बीच कोयल नदी पुल के ठीक पहले जाम में फंस जाते है।

    रविंद्र ने बताया कि धार्मिक आयोजन आवश्यक है, लेकिन आयोजकों को इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए कि आयोजन से किसी आम व्यक्ति को कोई परेशानी नहीं हो। हो सकता है कि विलंब हो जाने के कारण उनके पिता की स्थिति ओर अधिक गंभीर हो जाए। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।

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