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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    2014 के 'मोदी लहर' में BJP को मिली थीं झारखंड की 14 में 12 सीटें, JMM के खाते में गईं सिर्फ दो सीट

    Updated: Mon, 20 May 2024 09:20 AM (GMT+05:30)

    Jharkhand Election साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर की बदौलत भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल कर केंद्र की सत्ता में 10 साल बाद वापसी की ...और पढ़ें

    हेमंत सोरेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फाइल फाेटो।
    हेमंत सोरेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फाइल फाेटो।

    HighLights

    1. लोकसभा चुनाव के इतिहास में पहली बार भाजपा ने रिकाॅर्ड 283 सीटों पर की जीत दर्ज
    2. भाजपा ने झारखंड की 14 में 12 सीटें जीती
    3. इस चुनाव में कांग्रेस का झारखंड से पूरी तरह हुआ सफाया
    4. झामुमो को मिली थीं केवल दो सीटें

    मृत्युंजय पाठक, रांची। साल 2014 में हुए 16वें लोकसभा चुनाव में मोदी लहर की बदौलत भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल कर केंद्र की सत्ता में 10 साल बाद वापसी की। लोकसभा चुनाव के इतिहास में पहली बार भाजपा ने रिकाॅर्ड 283 सीटों पर जीत दर्ज की।

    इस चुनाव में भाजपा गठबंधन ने कुल 336 सीटें जीती थीं। भाजपा ने झारखंड की 14 में 12 सीटें जीती थीं। नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने अपने कैबिनेट में लोहरदगा के सांसद सुदर्शन भगत और हजारीबाग के सांसद जयंत सिन्हा को शामिल किया। खूंटी के सांसद कड़िया मुंडा लोकसभा उपाध्यक्ष बनाए गए।

    दिग्गजों को नहीं था भरोसा

    साल 1984 में कांग्रेस के बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा पहली ऐसी पार्टी बनी थी जिसने अपने दम पर सरकार बनाने लायक सीटें जीती थीं। 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए राजीव गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस को इस कदर प्रचंड बहुमत मिला था। उस वक्त कांग्रेस ने अपने दम पर 404 सीटें जीती थीं।

    2014 के चुनाव से पहले भाजपा के कई दिग्गजों को भी रिकाॅर्ड तोड़ सफलता की उम्मीद नहीं थी। भाजपा चाहती थी कि पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा जमशेदपुर से लोकसभा का चुनाव लड़े। उन्होंने नहीं लड़ा।

    इसी तरह झारखंड विकास मोर्चा(प्रो) के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी से भी गठबंधन या पार्टी में वापसी के लिए भाजपा ने संपर्क साधा था। तब बाबूलाल तैयार नहीं हुए। हालांकि पांच साल बाद बाबूलाल ने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया।

    खबरें और भी

    यशवंत सिन्हा ने हजारीबाग से खुद चुनाव न लड़कर अपने बेटे जयंत सिन्हा को लड़वाया। इस चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को 336 सीटें मिली थी जबकि भाजपा ने 282 सीटें जीती थीं।

    झामुमो को दो सीटें, कांग्रेस का सफाया

    साल 2014 के लोकसभा चुनाव के समय हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री थे। हेमंत सोरेन की अगुवाई में झामुमो और कांग्रेस ने गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ा।

    राजमहल से झामुमो के विजय हांसदा और दुमका से झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन विजयी हुए। कांग्रेस का झारखंड से पूरी तरह सफाया हो गया। 14 में एक भी सीट पर कांग्रेस को सफलता नहीं मिली। झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने दुमका लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। हार का सामना करना पड़ा।

    लोकसभा चुनाव-2014 का परिणाम

    क्षेत्र  विजयी प्रत्‍याशी दल
    राजमहल विजय हांसदा झामुमो
    दुमका  शिबू सोरेन झामुमो
    गोड्डा निशिकांत दुबे भाजपा
    चतरा सुनील सिंह भाजपा
    कोडरमा रविंद्र कुमार राय भाजपा
    गिरिडीह रविंद्र कुमार पांडेय भाजपा
    धनबाद  पीएन सिंह भाजपा
    जमशेदपुर विद्युत वरण महतो भाजपा
    सिंहभूम लक्ष्मण गिलुवा भाजपा
    लोहरदगा सुदर्शन भगत भाजपा
    पलामू वीडी राम भाजपा
    हजारीबाग जयंत सिन्हा भाजपा

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