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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    आदिवासी वोटों में सेंध लगाने की कोशिश में जुटी बीजेपी, क्‍या सीता सोरेन के आने से बदलेगा पार्टी का समीकरण?

    Updated: Thu, 21 Mar 2024 11:19 AM (GMT+05:30)

    झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन मंगलवार को भाजपा में शामिल हो गईं। अब सीता सोरेन के आने से संताल में समीकरण बदलने के प्रयास में भाजप ...और पढ़ें

    सीता सोरेन के आने से संताल का समीकरण बदलने के प्रयास में भाजपा।
    सीता सोरेन के आने से संताल का समीकरण बदलने के प्रयास में भाजपा।

    HighLights

    1. दुमका लोकसभा से भाजपा ने सुनील सोरेन को पहले से ही उम्‍मीदवार घोषित कर रखा है।
    2. सीता सोरेन को नए सिरे से टिकट देने पर भाजपा के सामने आ सकती है परेशानी।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन के भाजपा में शामिल होने के बाद दुमका लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है। संताल परगना में सीता सोरेन को लाकर भाजपा ने आदिवासी वोटों में सेंधमारी का प्लान बनाया है। सीता सोरेन दुमका जिले के ही जामा से विधायक चुनी जाती रही हैं। इनके पति स्व. दुर्गा सोरेन भी जामा से विधायक चुने जाते थे।

    इन नेताओं को मनाने में करनी होगी मशक्‍कत

    हालांकि, संताल परगना में पहले से मौजूद भाजपा नेताओं लुईस मरांडी, सुरेश मुर्मू जैसे चेहरों को स्थान और सम्मान देने में भाजपा को मशक्कत करनी होगी। सुनील सोरेन को दुमका लोकसभा से भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित कर रखा है। अब सीता सोरेन को नए सिरे से टिकट देने पर उन्हें भी समझाने में मशक्कत करनी होगी।

    संताल बहुल इलाकों पर नजर

    गोड्डा लोकसभा सीट पर संताल वोटरों की बड़ी संख्या है। यहां सीता सोरेन के पति स्वर्गीय दुर्गा सोरेन 2009 में लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। संताल समाज पर दुर्गा सोरेन की बड़ी पकड़ थी।

    अब सीता सोरेन अपने पति से संबंधों का हवाला देकर भाजपा के लिए यहां भी वोट मांगेंगी। इसका अलावा राजमहल सीट पर झामुमो से असंतुष्ट विधायक लोबिन हेम्ब्रम और सीता सोरेन की जुगलबंदी भाजपा के पक्ष में काम करेगी, इसके लिए पार्टी लगी है।

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    भाजपा में शामिल होने के बाद सीता की प्रत‍िक्रिया

    भाजपा में शामिल होते ही सीता सोरेन ने अपने साथ परिवार में किए उपेक्षापूर्ण व्यवहार की चर्चा की है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सहानुभूति के तौर पर लिए जाने की भाजपा को संभावना है।

    सीता सोरेन की बेटियां भी हुईं सक्रिय

    भाजपा में शामिल होने के बाद सीता सोरेन की दोनों बेटियां राजश्री सोरेन और जयश्री ने भी इंटरनेट मीडिया पर अपनी बात रखी है। दोनों ने इंटरनेट मीडिया एक्स पर लिखा है कि उनके पिता झारखंड को मजबूत बनाने के लिए काम करना चाहते थे। यह काम मां के साथ मिलकर वो करती रहेंगी।

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