यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Board Exam: अगले साल से दो बार होंगी 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं, CBSE ने किया बड़ा एलान
सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में बड़ा बदलाव किया है। अब साल 2026 से 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार होगी। इससे छात्रों को अपने प्रदर्शन को बेह ...और पढ़ें

HighLights
- सीबीएसई से संबद्ध 260 विदेशी स्कूलों के लिए तैयार होगा व्यापक वैश्विक पाठ्यक्रम
- शिक्षा मंत्री संग सीबीएसई, एनसीईआरटी, केवीएस व एनवीएस अफसरों ने की चर्चा
जागरण संवाददाता, रांची। सीबीएसई ने अपनी परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की घोषणा की है। इसके तहत वर्ष 2026 से 10वीं के लिए वर्ष में दो बार बोर्ड की परीक्षाएं होंगी।
सीबीएसई 2026-27 के सत्र से संबद्ध 260 विदेशी स्कूलों के लिए एक वैश्विक पाठ्यक्रम भी तैयार करेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस निर्णय पर चर्चा की गई है।
बैठक में सीबीएसई, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) और नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
नई प्रणाली के तहत छात्रों के पास वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा देने और अपने सर्वश्रेष्ठ स्कोर को बनाए रखने का विकल्प होगा।
सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये योजना विद्यार्थियों में परीक्षा के दबाव को कम करने और छात्रों को अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का अवसर देगी।
इसका उद्देश्य परीक्षा से संबंधित तनाव को कम करना है, साथ ही अधिक समग्र मूल्यांकन प्रणाली सुनिश्चित करना है। इसमें रटने की बजाय अवधारणात्मक समझ और कौशल आधारित मूल्यांकन पर जोर देना है।
नया मूल्यांकन पैटर्न रचनात्मक शिक्षा को प्रोत्साहित करता है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका में एसएटी जैसे वैश्विक माडल की तरह है, जो छात्रों को अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर लाने के लिए कई प्रयास देता है। सीबीएसई इस बदलाव को सुचारू रूप से चलाने के लिए शिक्षकों को बेहतर कौशल देने पर भी काम कर रहा है।
इन सुधारों से खास तौर पर उन छात्रों को लाभ होगा जो परीक्षा की चिंता या बीमारी जैसी अप्रत्याशित बाधाओं का सामना करते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी छात्रों को अपनी क्षमताओं को दिखाने का उचित अवसर मिले।
वैश्विक पाठ्यक्रम में होंगे मुख्य भारतीय विषय
- सीबीएसई अपने से संबंधित अंतरराष्ट्रीय स्कूलों के लिए एक वैश्विक पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
- वर्ष 2026-27 में लागू होने वाले इस पाठ्यक्रम में वैश्विक रूप से प्रासंगिक विषयवस्तु के साथ मुख्य भारतीय विषय भी शामिल किए जाएंगे।
इन्होंने ये कहा
अब तक हमें यह सूचना प्राप्त नहीं है लेकिन यदि वर्ष में दो बार परीक्षा लेने की घोषणा की गई है तो बेशक छात्र छात्राओं के लिए यह सकारात्मक कदम है। इस पहल से वैसे विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा जिन्होंने पहली परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन नहीं किया है, उन्हें दोबारा अवसर मिलेगा।- डॉ. तापस घोष, प्राचार्य, डीएवी पब्लिक स्कूल बरियातू।
वर्ष में दो बार परीक्षा आयोजित करने की योजना पर पूर्व से ही चर्चा चल रही थी। अब तक सीबीएसई की वेबसाइट पर ऐसी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। यदि ऐसा होता है तो यह कदम सराहनीय है। बच्चों को दो बार अवसर मिलेगा। जिस परीक्षा में अच्छे अंक आएंगे वहीं मान्य होंगे।-संजीत कुमार मिश्रा, प्राचार्य, एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग।
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