JPSC मेधा घोटाला: CID के सामने पेश होंगी सदस्य डॉ. अजिता, ब्लैकलिस्टेड एजेंसी के चयन पर होगी पूछताछ
सीआईडी जेपीएससी सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य से 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में अनियमितताओं और एजेंसी चयन को लेकर पूछताछ करेगी। जेपीएससी घोटाले की जांच तेज ...और पढ़ें

जेपीएससी घोटाले में सीआईडी सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य का बयान दर्ज करेगी। (तस्वीर: फाइल)
HighLights
सीआईडी जेपीएससी सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य का बयान लेगी।
14वीं सिविल सेवा परीक्षा में अनियमितताओं की जांच होगी।
झारखंड में ब्लैकलिस्टेड एजेंसी TDPPL के चयन पर भी सवाल।
राज्य ब्यूरो, रांची। जेपीएससी नियुक्ति घोटाला मामले की जांच कर रही सीआईडी के समन पर सोमवार को जेपीएससी की सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य पूछताछ में शामिल होने के लिए सीआईडी मुख्यालय जाएंगी। सीआईडी उनका बयान दर्ज करेगी।
लाला लक्ष्मी नारायण डिग्री कॉलेज सिरसा की प्राचार्या रह चुकीं डॉ. अजिता भट्टाचार्य अगस्त 2021 में जेपीएससी की सदस्य मनोनीत हुईं थीं। उसके बाद से ही वह जेपीएससी में हैं। सीआईडी उनसे 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में अनियमितता, एजेंसी चयन सहित विभिन्न बिंदुओं पर बयान लेगी।
उनसे यह भी जानकारी ली जाएगी कि जेपीएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के चयन में कौन सी प्रक्रिया का पालन किया गया। जब यह पता था कि उक्त एजेंसी राज्य सरकार की ही दूसरी एजेंसी जेएसएससी में ब्लैकलिस्ट है, उसके बावजूद उसे परीक्षा संचालित कराने की जिम्मेदारी कैसे सौंपी गई।
एजेंसी चयन के लिए कोई अनुशंसा या किसी का दबाव तो नहीं था। जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष सह झारखंड सरकार के पूर्व मुख्य सचिव सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एल. खियांग्ते की इसमें क्या भूमिका थी।
जेपीएससी कार्यालय से परीक्षा संचालन, उसकी निगरानी कराने आदि की क्या व्यवस्था है। इन सभी बिंदुओं पर सीआईडी कल जेपीएससी सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य का बयान लेगी। तीनों सदस्य से पूछताछ होनी है।
अपना बयान दर्ज कराकर वापस गए अभय तिवारी के ससुर
सीआईडी ने जेपीएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी के ससुर विकास पांडेय का बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था।
वे गिरिडीह जिले के बेंगाबाद हथबोरा के निवासी हैं और पेशे से सहायक प्राध्यापक हैं। सीआईडी ने उन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। उन्हें हिरासत में लिए जाने संबंधित सूचना को सीआईडी ने गलत बताया है।
सीआईडी के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार अभय तिवारी पर जालसाजी करने, ओएमआर शीट में हेराफेरी करने, अभ्यर्थियों से संपर्क कर उन्हें जेपीएससी की परीक्षाओं को पास कराने के एवज में वसूली करने का आरोप है।
इसी आरोप में उसकी गिरफ्तारी हुई है। सीआईडी अब पता लगा रही है कि इस अपराध से अभय तिवारी ने कितने की चल-अचल संपत्ति अर्जित की है। अभय तिवारी की संपत्ति की जानकारी जुटाने के सिलसिले में ही सीआईडी ने उसके ससुर विकास पांडेय को समन कर पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ के बाद वे गिरिडीह वापस हो चुके हैं।
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एल. खियांग्ते के इर्द-गिर्द जांच, कंप्यूटर ऑपरेटर से तीसरे दिन भी पूछताछ
जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एल. खियांग्ते के इर्द-गिर्द सीआईडी ने अपनी जांच तेज की है। सीआईडी ने मुख्य सचिव के आवासीय कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर रह चुके धर्मेंद्र कुमार से सीआईडी रिमांड पर तीसरे दिन भी पूछताछ की।
सीआईडी ने धर्मेंद्र कुमार व टीडीपीएल के अकाउंटेंट रक्षक सिंह को पांच-पांच दिनों की रिमांड पर लिया है। धर्मेंद्र कुमार से तीन दिन व रक्षक सिंह से दो दिनों तक पूछताछ कर ली है।
टीडीपीएल के अकाउंटेंट रक्षक सिंह से सीआईडी ने टीडीपीएल के आय-व्यय का ब्यौरा खंगाला है। पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी, परीक्षा में अनियमितता बरतने आदि के क्रम में कितने की अवैध कमाई हुई, सीआईडी इसकी भी जानकारी जुटा रही है।