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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    '35 हजार पदों पर होगी बहाली', CM हेमंत सोरेन ने किया बड़ा एलान; युवाओं को रोजगार से जोड़ना बताया प्राथमिकता

    Updated: Sat, 17 Aug 2024 05:42 PM (IST)

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा और इसे लेकर कई हजार पदों को लेकर नियुक्तियां की गई हैं। आने वाले अक्टूबर म ...और पढ़ें

    CM हेमंत सोरेन ने किया 35 हजार पदों पर बहाली का एलान (फाइल फोटो)
    CM हेमंत सोरेन ने किया 35 हजार पदों पर बहाली का एलान (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री ने कहा- विकास विरोधी तत्वों ने रास्ते में बार-बार खड़ी की परेशानियां
    2. हक-अधिकार और मान-सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष करना हमारी परंपरा- सीएम
    3. सीएम हेमंत सोरेन ने मोरहाबादी मैदान में किया झंडारोहरण व परेड का निरीक्षण

    राज्य ब्यूरो, रांची। Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने कहा है कि युवाओं को रोजगार से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसे लेकर जहां कई पदों पर नियुक्तियां की गई हैं, वहीं कई प्रक्रियाधीन हैं। अक्टूबर माह तक 35 हजार पदों पर बहाली पूरी कर ली जाएगी।

    इनमें उत्पाद सिपाही, आरक्षी, सहायक, आचार्य, महिला पर्यवेक्षिका आदि पद सम्मिलित हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा का परिणाम भी शीघ्र जारी होगा। मुख्यमंत्री गुरुवार को 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मोरहाबादी मैदान में झंडारोहरण के बाद अपना अभिभाषण दे रहे थे।

    विपक्ष पर साधा निशाना

    इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लाभ लेकर अब तक दो लाख से अधिक युवा निजी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर चुके हैं। हेमंत ने अपने अभिभाषण में बिना नाम लिए विपक्ष पर भी निशाना साधा।

    उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आदिवासियों, पिछड़ों और दलितों को उनका हक-अधिकार दिलाकर उन्हें भरोसा दिलाया है कि विकास में उनकी भी बराबर की भागीदारी है।

    पिछले साढ़े चार वर्षों में उनकी सरकार ने झारखंड के लोगों की बेहतरी के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, लेकिन विकास के रास्ते में कई चुनौतियां भी आईं।

    हमने हर कठिनाई और बाधा का डटकर किया सामना

    उनकी सरकार गठन के तुरंत बाद कोरोना महामारी के प्रकोप ने जीवन और जीविका को बुरी तरह प्रभावित किया। इसके बाद निहित स्वार्थ से प्रेरित कुछ विकास विरोधी तत्वों द्वारा झारखंड के विकास के रास्ते में बार-बार परेशानियां खड़ी करने का कुत्सित प्रयास किया गया।

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    हमने हर कठिनाई और बाधा का डटकर मुकाबला किया। विरोधी अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि हक-अधिकार और मान-सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष करना हमारी परंपरा रही है।

    मुख्यमंत्री ने झारखंड की फिजाएं बदल दी हैं। गरीब, किसान, मजदूर, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक अब खुद को मजबूर ओर असहाय महसूस नहीं करते।

    अगले दो वर्षों में पंचायत स्तर पर 4,041 विद्यालय बनेंगे आदर्श

    मुख्यमंत्री ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई कई योजनाओं का भी उल्लेख किया। कहा कि शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना शुरू की जा रही है। इसके अंतर्गत पीएचडी करने वाले वैसे छात्र जो नेट, गेट या जेट उत्तीर्ण हों, उन्हें 22,500 से 25,000 रुपए प्रतिमाह फेलोशिप प्रदान की जाएगी।

    80 सीएमस्कूल आफ एक्सीलेंस तथा 325 प्रखंडों में लीडर स्कूलों का संचालन शुरू हो गया है। अगले दो वर्षों में 4,041 पंचायत स्तरीय विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, झारखंड कृषि ऋण माफी योजना के तहत राज्य सरकार ने दो लाख रुपये तक कृषि ऋण माफ करने का निर्णय लिया है।

    झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लें लाभ

    मुख्यमंत्री ने कहा, एक नई महत्वाकांक्षी योजना झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत 21 वर्ष से 50 वर्ष तक की महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में उपलब्ध कराई जा रही है।

    उन्होंने अर्हता प्राप्त महिलाओं से इस योजना का लाभ लेने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत अबतक एक करोड़ 26 लाख लाभुकों का कार्ड बन चुका है।

    लगभग 20 लाख लाभुकों द्वारा योजना का लाभ प्राप्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों से भी पलायन रोकना सरकार की प्राथमिकता में है।

    तीन वर्षीय शुभम को डूबने से बचाने वाली काजल को दिया पदक

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर काजल कुमारी को उत्तम जीवन रक्षक पदक प्रदान किया। काजल ने तीन वर्षीय शुभम कुमार को कुएं में डूबने से बचाया था।

    काजल को तैरना भी नहीं आता, लेकिन अपनी जान जोखिम में डालकर उसने शुभम को बचाया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को भी पदक से अलंकृत किया।

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