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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand Land Survey: झारखंड में 8 महीने में पूरा करें जमीन का सर्वे, हाई कोर्ट ने सरकार को दिया आदेश

    Updated: Fri, 16 Aug 2024 06:58 PM (IST)

    झारखंड में जमीन सर्वे को लेकर हाई कोर्ट ने अहम आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए कि 8 महीने में जमीन के सर्वे का काम पूरा करेंष व ...और पढ़ें

    जमीन सर्वे को लेकर हाई कोर्ट ने हेमंत सरकार को दिया नया आदेश (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    जमीन सर्वे को लेकर हाई कोर्ट ने हेमंत सरकार को दिया नया आदेश (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    HighLights

    1. हाई कोर्ट ने कहा- राज्य में आठ माह में पूरा करें जमीन का सर्वे
    2. सरकार ने कहा- दो जिलों में जमीन का सर्वे पूरा, बाकी में प्रक्रिया जारी
    3. याचिकाकर्ता बोले- सर्वे पूरा नहीं होने से जमीन माफिया सक्रिय हैं

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस एसएन प्रसाद व जस्टिस एके राय की खंडपीठ में राज्य में जमीन का सर्वे कराए जाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार को राज्य के सभी जिलों में आठ माह में जमीन का सर्वे (Jharkhand Jamin Survey) पूरा करने का निर्देश दिया है।

    अदालत ने सरकार को सर्वे की प्रगति रिपोर्ट बाद आठ सप्ताह में कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस संबंध में गोकुल चंद ने जनहित याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य में सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। लातेहार और लोहरदगा में सर्वे पूरा हो गया है।

    '6 महीने में पूरा हो जाएगा सर्वे'

    सरकार ने कहा कि सभी जिलों में जमीन का सर्वे पूरा करने में कम से कम छह माह लगेंगे। इस पर अदालत ने सरकार को आठ माह का समय देते हुए प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

    याचिकाकर्ता ने अदालत को क्या बताया?

    सुनवाई के दौरान प्रार्थी गोकुलचंद की ओर से अदालत को बताया गया कि वर्ष 1980 से झारखंड में जमीन सर्वे का काम चल रहा है। 40 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन राज्य सरकार पूरा नहीं करा सकी है। सर्वे पूरा नहीं होने से जमीन माफिया सक्रिय हैं।

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    उन्होंने कहा कि माफिया जमीन के दस्तावेज में हेराफेरी कर जमीन की प्रकृति बदल इसकी खरीद-बिक्री कर रहे हैं, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। सिर्फ धनबाद में सर्वे का काम पूरा हुआ है। जमीन सर्वे के लिए समय सीमा तय की जानी चाहिए।

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