दिल्ली-रांची उड़ानें घंटों लेट, मौसम और एयर ट्रैफिक ने बढ़ाई मुसीबत; एयरपोर्ट निदेशक ने यात्रियों से जाना हाल
मौसम की खराबी और एयर ट्रैफिक के दबाव के कारण दिल्ली से रांची आने वाली चार उड़ानें घंटों विलंब से ...और पढ़ें

दोपहर से रात तक जारी रहा विमानों के विलंब का सिलसिला।
HighLights
दिल्ली से रांची आने वाली चार उड़ानें विलंब से पहुंचीं।
मौसम की खराबी और एयर ट्रैफिक दबाव मुख्य कारण रहे।
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
जागरण संवाददाता, रांची। मौसम की खराबी और एयर ट्रैफिक के दबाव ने सोमवार को दिल्ली से रांची आने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी। दिल्ली से आने वाली चार उड़ानें अपने निर्धारित समय से विलंब से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचीं। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा। कई यात्री लगातार फ्लाइट की स्थिति जानने के लिए एयरलाइन काउंटर और डिस्प्ले बोर्ड देखते रहे।
दिल्ली से रांची आने वाली दोपहर 2:15 बजे की उड़ान शाम 4:27 बजे पहुंची। यानी यात्रियों को करीब दो घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा। वहीं 2:30 बजे आने वाली उड़ान 3:44 बजे रांची पहुंची। इसके बाद विलंब का असर और बढ़ गया। शाम 4:35 बजे की उड़ान रात 7:15 बजे एयरपोर्ट पहुंची। जबकि रात 8 बजे आने वाली उड़ान 9:45 बजे रांची पहुंची।
लगातार उड़ानों के विलंब से एयरपोर्ट के आगमन क्षेत्र में यात्रियों की भीड़ बनी रही। विमान के इंतजार में बैठे यात्रियों को अपने आगे के सफर की चिंता सताती रही। जिन यात्रियों को रांची पहुंचने के बाद ट्रेन, बस या अन्य साधन पकड़ना था, उन्हें सबसे अधिक परेशानी हुई।
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार मौसम और एयर ट्रैफिक की स्थिति का असर उड़ानों के संचालन पर पड़ा। इसके कारण दिल्ली से रांची आने वाली उड़ानों के समय में बदलाव हुआ और यात्रियों को निर्धारित समय से अधिक इंतजार करना पड़ा।
विमान यात्रियों के बीच पहुंचकर एयरपोर्ट निदेशक ने जाना हाल
विमान से सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा अब सिर्फ काउंटर और हेल्प डेस्क तक सीमित नहीं रहेगी। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट प्रबंधन यात्रियों के बीच पहुंचकर उनकी परेशानी और सुझाव जान रहा है। इसी क्रम में एयरपोर्ट निदेशक विनोद कुमार ने टर्मिनल मैनेजर के साथ टर्मिनल परिसर का निरीक्षण किया और यात्रियों से सीधे बातचीत कर फीडबैक ले रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यात्रियों से पूछा कि एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद उन्हें चेक-इन, बैठने, बोर्डिंग और अन्य यात्री सुविधाओं में किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए उपलब्ध व्हीलचेयर सेवा, हेल्प डेस्क और टर्मिनल में बैठने की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
खासकर बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर अधिकारियों ने ध्यान दिया। एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि यात्रियों से मिलने वाला फीडबैक सुविधाओं को और बेहतर बनाने में मदद करेगा।
यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर जहां आवश्यकता होगी, वहां व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा। एयरपोर्ट प्रशासन का लक्ष्य यात्रियों को टर्मिनल में प्रवेश से लेकर विमान में सवार होने तक सहज और बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों ने कर्मचारियों को यात्रियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
