अवैध कोयला खनन से बढ़ते प्रदूषण पर झारखंड HC ने धनबाद डीसी, एसएसपी और BCCL सीएमडी को बुलाया
धनबाद में बढ़ते वायु प्रदूषण पर झारखंड हाई कोर्ट ने सुनवाई की। अदालत ने अवैध खनन और कोयला परिवहन को प्रदूषण का मुख्य कारण बताया। कोर्ट ने धनबाद के डीस ...और पढ़ें

धनबाद वायु प्रदूषण: हाई कोर्ट ने डीसी, एसएसपी और बीसीसीएल सीएमडी को तलब किया।
HighLights
झारखंड हाई कोर्ट ने धनबाद वायु प्रदूषण पर सुनवाई की।
अवैध खनन और कोयला परिवहन मुख्य कारण बताए गए।
डीसी, एसएसपी, नगर आयुक्त, बीसीसीएल सीएमडी तलब।
राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में धनबाद में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद अदालत ने धनबाद के उपायुक्त, एसएसपी, नगर आयुक्त तथा झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को तलब किया है। सभी अधिकारियों को दो अप्रैल को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि धनबाद में वायु गुणवत्ता का स्तर बेहद खराब है और अवैध खनन तथा कोयले के परिवहन के कारण प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय है।
अदालत ने यह भी कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है, जबकि बीसीसीएल की ओर से इस संबंध में कई प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने बीसीसीएल के सीएमडी को भी अगली तिथि पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया, ताकि वे इस समस्या के समाधान के लिए सुझाव दे सकें।
कोर्ट ने कहा कि कोल डस्ट के कारण धनबाद में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों को सांस संबंधी बीमारियों सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बीसीसीएल की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास ने अदालत को बताया कि बंद पड़ी खुली खदानों को भरकर वहां पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
अवैध खनन रोकने के लिए कई प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। हालांकि, बीसीसीएल की ओर से अवैध खनन रोकने के मामलों में पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की बात भी अदालत को बताई गई।
धनबाद में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर ग्रामीण एकता मंच की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि शहर में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है और इसे रोकने के लिए प्रशासन और नगर निगम की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।