यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Diwali 2023: त्योहार मनाए, पर जरा संभलकर; बस एक गलती पड़ जाएगी भारी, इन बातों का रखें ख्याल
Happy Diwali 2023 रोशनी का त्योहार आ चुका है। लोगों के घर चमक रहे हैं। कल यह चमक और ज्यादा बढ़ जाएगी। दीपावली पर पटाखे जलाएं लेकिन थोड़ी एहतियात बरतें ...और पढ़ें

HighLights
- दीपावली को लेकर खूब हो रही पटाखे की बिक्री
- स्वास्थ्य विभाग ने सावधान रहने की दी सलाह
जागरण संवाददाता, धनबाद। दीपों का महापर्व दीपावली आ गई है। आज छोटी दीपावली है। एक और दीपावली को लेकर बाजार में खूब खरीदारी हो रही है तो दूसरी ओर पर्व पर आतिशबाजी का भी अपना महत्व है। खासकर बच्चों को आतिशबाजी को लेकर काफी इंतजार रहता है।
बाजार में तरह-तरह के पटाखे की भी खूब बिक्री होने लगी है। ऐसे में जरूरी है कि दीपावली पर पटाखे जलाएं, लेकिन थोड़ी एहतियात बरतें। मुख्यालय रांची में सभी सरकारी अस्पतालों को दीपावली पर अलर्ट रहने का निर्देश जारी किया है।
इधर, स्वास्थ्य विभाग के सर्जन डॉ रोहित गौतम ने बताया कि दीपावली पर थोड़ी सावधानी बरत कर पर्व का आनंद लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि खासकर फुलझड़ी और रॉकेट ऐसे पटाखे हैं जिससे जलने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। फुलझड़ी जहां आंखों के लिए काफी नुकसानदे साबित हो सकती है, वही रॉकेट से भी सबसे ज्यादा लोग जल जाते हैं।
पटाखे जलाते समय साथ में रखें पानी
डॉ रोहित ने बताया कि बच्चों के आतिशबाजी के समय बड़े जरूर निगरानी करें। उन्होंने बताया कि फुलझड़ी सीधे आंखों में चली जाती है। इससे आंखें खराब भी हो सकती है। वहीं कई बच्चे हाथ में ही पटाखे छोड़ देते हैं।
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अस्पताल में सबसे ज्यादा इसी के मामले पहुंचते हैं। जरूरी है कि पटाखे जलाते समय बाल्टी में अलग से पानी भर कर रखें। किसी भी प्रकार से जलने पर तत्काल पानी में काफी देर तक जले हुए भाग को रखें। अब तत्काल अपने निकटवर्ती अस्पताल पहुंचे।
बीमार लोगों के पास नहीं करें आतिशबाजी
डॉ रोहित ने बताया खासकर बीमार लोगों के पास किसी भी प्रकार की आतिशबाजी नहीं करें। अस्थमा अथवा ट्यूबरक्लोसिस के मरीज को पटाखे की धुआँ काफी हानि पहुंचती है। वही ब्लड प्रेशर और ब्रेन स्ट्रोक के मरीज को भी इससे काफी परेशानी होती है। अस्पताल के आसपास भी पटाखे नहीं चलाने चाहिए। ज्यादा तेज आवाज वाले पटाखे भी कान को नुकसान पहुंचाते हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
- पटाखे चलाते वक्त बच्चों की निगरानी करें
- फुलझड़ी और रॉकेट चलाते वक्त विशेष सावधानी रखें
- पूरा बदन ढक कर सूती के कपड़े पहने
- पॉकेट में किसी भी प्रकार के पटाखे अथवा ज्वलनशील चीज नहीं रखें
- पटाखे को हमेशा खुले जगह पर छोड़े
- हाथ में लेकर कोई भी पटाखा नहीं छोड़े
- कोई भाग जल जाने पर तत्काल पानी डालें और सिल्वरेक्स जेल लगाएं।
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