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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    डुमरी उप चुनाव: जीतते तो भाजपा पर ज्यादा दबाव बनाने की स्थिति में होते सुदेश, चुनाव में लगाया था पूरा दमखम

    By Pradeep singhEdited By: Prateek Jain
    Updated: Fri, 08 Sep 2023 10:19 PM (IST)

    डुमरी विधानसभा उपचुनाव के परिणाम ने भाजपा की सहयोगी आजसू पार्टी को भी झटका दिया है। यहां जीत के लिए आजसू पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने पूरा दमखम लगाया था ...और पढ़ें

    डुमरी उप चुनाव: जीतते तो भाजपा पर ज्यादा दबाव बनाने की स्थिति में होते सुदेश। (फाइल फोटो)
    डुमरी उप चुनाव: जीतते तो भाजपा पर ज्यादा दबाव बनाने की स्थिति में होते सुदेश। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ नहीं हो पाया था तालमेल
    2. जीत के लिए आजसू पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने लगाया था पूरा दमखम

    राज्य ब्यूरो, रांची: डुमरी विधानसभा उपचुनाव के परिणाम ने भाजपा की सहयोगी आजसू पार्टी को भी झटका दिया है। यहां जीत के लिए आजसू पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने पूरा दमखम लगाया था।

    आजसू पार्टी के अध्यक्ष सुदेश महतो ने अपनी टीम के यहां पूरा वक्त दिया। वे लगातार प्रचार अभियान में जुटे रहे। कुर्मी मतों पर उनके प्रभाव का भी अब नए सिरे से भाजपा आकलन कर सकती है।

    अगर डुमरी से आजसू पार्टी और भाजपा की संयुक्त प्रत्याशी यशोदा देवी की जीत होगी तो आगामी चुनावों में वे भाजपा पर ज्यादा दबाव बनाने की स्थिति में होते।

    रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव में जीत से उनके हौसले बुलंद थे, उन्हें अनुमान था कि डुमरी में इसकी पुनरावृत्ति होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

    उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ आजसू पार्टी का तालमेल नहीं हो पाया था। आजसू पार्टी ने अलग से चुनाव लड़ा और सिर्फ दो सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाबी पाई। राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने वाले सुदेश महतो को अब भाजपा पर दबाव बनाने में मुश्किल आएगी।

    हालांकि, वे मजबूती के साथ एनडीए में डटे हुए हैं। वे लगातार एनडीए की उच्चस्तरीय बैठकों में भी शामिल होते हैं।

    भाजपा भी उभारना चाहती है कुर्मी नेतृत्व 

    प्रदेश भाजपा भी राज्य में कुर्मी नेतृत्व को उभारना चाहती है ताकि आजसू पार्टी के प्रमुख सुदेश महतो पर निर्भरता कम हो। इसी प्रयास के तहत मांडू के विधायक जयप्रकाश भाई पटेल को विधानसभा में भाजपा विधायक दल का नेता बनाने की योजना थी।

    आलाकमान ने इसपर विधायकों का मन टटोला था, लेकिन पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई। अब नए सिरे से इसपर मंथन हो सकता है। हालांकि, इसमें जोखिम भी है। कुर्मी नेतृत्व को आगे करने से सुदेश महतो सतर्क हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इसे लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

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    डुमरी उपचुनाव से बढ़ा हमारा हौसला

    सुदेश आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने कहा कि डुमरी उपचुनाव में उनकी प्रत्याशी यशोदा देवी को मिले 83,164 मतों ने उनकी पार्टी का हौसला बढ़ाया है। आजसू पार्टी ने विकास, झारखंडी विचार और जनभावना को केंद्र में रखकर पूरी मेहनत और लगन से यह उपचुनाव लड़ा।

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    उपचुनाव में प्रचार के दौरान हमने 70 पंचायतों में जाकर लोगों से सीधा संवाद किया। पार्टी इस जुड़ाव और संबंध को और भी मजबूती देने का काम करेगी। उन्होंने बेबी देवी को जीत की बधाई देते हुए कहा कि उम्मीद है कि वे डुमरी की जनता की उम्मीदों के अनुरूप क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता देंगी।