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    सावन में झारखंड के इन शिव मंदिरों में उमड़ती है लाखों श्रद्धालुओं की भीड़, एक बार जरूर करें दर्शन

    By Mansi KumariEdited By: Mansi Kumari
    Updated: Mon, 06 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    सावन मास शुरू होते ही झारखंड के प्रसिद्ध शिव मंदिर श्रद्धालुओं से भर गए हैं। देवघर, रांची, खूंटी और गुमला के प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक और पूजा-अर्च ...और पढ़ें

    एआई जेनरेटेड इमेज।

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    HighLights

    1. सावन में झारखंड के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़।

    2. बाबा बैद्यनाथ धाम सहित कई मंदिरों का विशेष महत्व।

    डिजिटल डेस्क, रांची। भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र महीना सावन शुरू होते ही झारखंड पूरी तरह शिवमय हो गया है। राज्य के प्रसिद्ध शिवालयों में सुबह से ही बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष गूंज रहे हैं। देवघऱ से लेकर रांची, गुमला और खूंटी तक लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।

    अगर आप भी इस सावन बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लेना चाहते हैं, तो झारखंड के इन प्रसिद्ध शिव मंदिरों की यात्रा आपकी आस्था को और मजबूत बना सकती है।

    बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर

    झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। सावन के महीने में यहां लाखों कांवरिये और श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। हर साल आयोजित होने वाला श्रावणी मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है, इसलिए इसे मनोकामना लिंग भी कहा जाता है।

    बासुकीनाथ धाम, देवघर-दुमका मार्ग

    देवघर-दुमका मार्ग पर स्थित बासुकीनाथ धाम का धार्मिक महत्व बेहद खास है। मान्यता है कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के बाद बासुकीनाथ में पूजा किए बिना यात्रा अधूरी मानी जाती है। सावन के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और पूरा मंदिर परिसर शिवभक्ति में डूबा रहता है।

    पहाड़ी मंदिर, रांची

    राजधानी रांची का प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर सावन में श्रद्धालुओं का प्रमुख आकर्षण बन जाता है। करीब 350 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए 468 सीढ़ियां चढ़़नी पड़ती है। सावन में रोजाना फूलों से बाबा का भव्य श्रृंगार होता है और सुबह तड़के से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं।

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    आमरेश्वर धाम (अंगराबाड़ी), खूंटी

    खूंटी जिले में स्थित आमरेश्वर धाम, जिसे श्रद्धालु अंगराबाड़ी के नाम से भी जानते हैं, सावन में आस्था का बड़ा केंद्र बन जाता है। इस प्राचीन मंदिर को झारखंड का मिनी बाबा धाम कहा जाता है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां जलाभिषेक करने और भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।

    टांगीनाथ धाम, गुमला

    गुमला जिले का टांगीनाथ धाम अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यहां भगवान शिव के अनेक प्राचीन शिवलिंग और देवी-देवताओं की प्रतिमाएं मौजूद हैं। मान्यता है कि भगवान परशुराम का दिव्य फरसा आज भी यहां स्थापित है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। सावन में यहां विशेष पूजा और श्रावणी मेले का आयोजन होता है।

    क्यों खास है झारखंड का सावन?

    झारखंड में सावन केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा का भी प्रतीक है। सुल्तानगंज से देवघर तक की कांवर यात्रा, लाखों श्रद्धालुओं की पदयात्रा और शिवालयों में होने वाले विशेष अनुष्ठान इस महीने को और भी खास बना देते हैं। अगर आप इस सावन आध्यात्मिक यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो झारखंड के ये शिव मंदिर आपकी सूची में जरूर होने चाहिए।