Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    1970 में पैदा हुए बच्चे पहली कक्षा में कर रहे पढ़ाई, शिक्षा विभाग की गड़बड़ी से निर्वाचन अधिकारियों के छूटे पसीने

    By Aysha SheikhEdited By: Aysha Sheikh
    Updated: Fri, 08 Dec 2023 09:17 AM (IST)

    Ranchi News शिक्षा विभाग की बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जो विद्यार्थी पहली कक्षा में पढ़ रहा है उसकी जन्म तिथि पोर्टल में 1970 अंकित है। इस आधार पर वोटर ...और पढ़ें

    1970 में पैदा हुए बच्चे पहली कक्षा में कर रहे पढ़ाई
    1970 में पैदा हुए बच्चे पहली कक्षा में कर रहे पढ़ाई

    शक्ति सिंह, रांची। शिक्षा विभाग की करतूत ने निर्वाचन विभाग की तैयारी पर पानी फेर दिया। शिक्षा विभाग का अजीबोगरीब कारनामा उजागर हुआ है। इसका नमूना ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर है। इसमें बहुत कुछ उल्टा-पुल्टा भर दिया गया है।

    पोर्टल में अंकित गलतियों की सूची बहुत लंबी है। इन गलतियों का खामियाजा निर्वाचन आयोग को भुगतना पड़ रहा है। महत्वाकांक्षी योजना के तहत तैयारी की गई छात्र-छात्राओं के 18 वर्ष की आयु पूरी होते ही स्वत: ही वोटर आइडी कार्ड जारी हो जाएंगे।

    अब पेच यह फंस गया कि ई-विद्यावाहिनी पोर्टल से छात्र-छात्राओं का जो विवरण मिल रहा है वह गलत निकला, जो विद्यार्थी पहली कक्षा में पढ़ रहा है उसकी जन्म तिथि पोर्टल में 1970 अंकित है। इस आधार पर वोटर आइडी तैयार करने में निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं, जबकि वोटर आइडी कार्ड में जन्म तिथि महत्वपूर्ण कालम है।

    स्कूलों ने बताया गलत मिली है जानकारी

    इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब स्कूल ने बताया कि जो फार्म उन्हें निर्वाचन से उपलब्ध कराए गए हैं वे गलत हैं। इसमें विद्यार्थियों की जन्म तिथि ही गलत है। ई विद्यावाहिनी से ही फार्म डाउनलोड कर निर्वाचन कार्यालय द्वारा प्रखंडों को उपलब्ध कराया था, जिसे स्कूलों को उपलब्ध कराया था। इसमें विद्यार्थियों का फोटो और पता उपलब्ध कराना था।

    कक्षा एक से 12वीं के विद्यार्थियों की उम्र 50 वर्ष

    कक्षा एक से 12वीं के कई विद्यार्थियों की उम्र 50 वर्ष बताई गई है। सिर्फ रांची जिले में ही ऐसे कई बच्चों की इंट्री कर दी गई है। यही हाल अन्य जिलों का भी होगा। शिक्षा विभाग की इस लापरवाही से निर्वाचन विभाग की परेशानी बढ़ गई है। कई विद्यार्थी तो पासआउट हो गए हैं। उनकी भी गलत जानकारी फार्म में समाहित है।

    खबरें और भी

    विशेष कैंप लगाकर सुधारी जा रही जन्मतिथि

    इस पूरे मामले में निर्वाचन कार्यालय की ओर से शिक्षण संस्थानों में दोबारा विशेष कैंप लगाकर गलतियां सुधारी जा रही हैं। साथ ही पास आउट के बच्चों को एसएमएस कर उनसे संपर्क साधा जा रहा है, ताकि जल्द फार्म को सुधारा जा सके।

    ई-विद्यावाहिनी में छात्रों से संबंधित कुछ गलत इंट्री कर दी गई है। इस संबंध में शिक्षण संस्थान में कैंप भी लगाया गया और बल्क एसएमएस किया गया है, ताकि समय पर सुधार किया जा सके। -के रवि कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व शिक्षा सचिव

    गलती के नमूने

    • सुखदेव भगत, कक्षा-1, जन्म तिथि-1970, सरना बाल विकास हाई स्कूल, पोरा टोली, चान्हो
    • नीरज लोहरा, कक्षा-8, जन्म तिथि-1970, यूपीजी मिडिल स्कूल, ताला, चान्हो
    • आशीष उरांव, कक्षा-1, जन्म तिथि-1970, सरना बाल विकास हाई स्कूल, पोरा टोली, चान्हो

    ये भी पढ़ें -

    Bihar Weather: मिचौंग ने बादलों को गरजाया, लुढ़का पटना सहित 25 जिलों का तापमान; आज ऐसा रहेगा बिहार का मौसम

    Jharkhand Weather: लगातार बरस रहा पानी, तापमान में आई गिरावट; आने वाले दिनों में कैसा रहेगा झारखंड का मौसम?