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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बिना हाथ-पैर वाले भी चला पाएंगे कंप्यूटर, आंखों से होगी टाइपिंग; झारखंड के छात्र ने बनाया जबरदस्त सॉफ्टवेयर

    By Ch RaoEdited By: Aysha Sheikh
    Updated: Sat, 28 Oct 2023 12:08 PM (GMT+05:30)

    Jamshedpur News घाटशिला के छात्र ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है जिसके सहारे से लैपटाप या कंप्यूटर को आंखों से ही कंट्रोल किया जा सकता है। इस सॉफ्टव ...और पढ़ें

    बिना हाथ-पैर वाले भी चला पाएंगे कंप्यूटर (फोटो - फ्रीपिक)
    बिना हाथ-पैर वाले भी चला पाएंगे कंप्यूटर (फोटो - फ्रीपिक)

    HighLights

    1. बेंगलुरु में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में प्रोजेक्ट को मिली सराहना
    2. देश-विदेश की कंपनियों ने छात्र की स्टार्ट अप कंपनी के साथ किया एमओयू

    वेंकटेश्वर राव, जमशेदपुर। घाटशिला के छात्र सुमित डान के सॉफ्टवेयर को बाजार में लांच करने के लिए जर्मनी, फिनलैंड, इटली व भारत की एक कंपनी ने एमओयू किया है।

    इस छात्र ने ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया है, जिससे बिना हाथ पैर वाले भी आंख की पुतली के सहारे लैपटाप या कंप्यूटर चला पाएंगे। इस सॉफ्टवेयर का नाम आई कांटेक्ट माउस कर्सर है।

    अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में किया सॉफ्टवेयर का प्रदर्शन

    इस सॉफ्टवेयर तथा अपने प्राजेक्ट का प्रदर्शन छात्र ने बेंगलुरु में 17 से 19 अक्टूबर तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में किया था। इसका आयोजन डीआइडीएसी ने किया था, जिसमें 200 से अधिक देश-विदेश की कंपनियों ने भाग लिया।

    जर्मनी, फिनलैंड, इटली, चीन, जापान, अमेजन तथा भारत की कंपनी समेत 15 कंपनियों ने इस प्रोजेक्ट तथा सॉफ्टवेयर की सराहना की। स्टेम इंडिया, जर्मनी की सेलटू क्राउड, फिनलैंड की एक कंपनी समेत पांच कंपनियों ने इस सॉफ्टवेयर को बाजार में उतारने के लिए घाटशिला के छात्र की स्टार्ट अप कंपनी आंजनेय इंटरप्राइजेज के साथ एमओयू किया है।

    अब इस सॉफ्टवेयर के बाजार में जल्द लांच होने की संभावना है। किस कंपनी के साथ यह छात्र एमओयू फाइनल करेगा, यह छात्र पर निर्भर है। मालूम हो कि इस सॉफ्टवेयर का पेटेंट छात्र ने अपने नाम कर रखा है।

    ऐसे काम करेगा यह सॉफ्टवेयर

    घाटशिला के काशिदा के रहने वाले श्रीश्री रविशंकर विद्या मंदिर घाटशिला के 12वीं कक्षा के छात्र सुमित बताते हैं कि आई कांटेक्ट माउस कर्सर नामक सॉफ्टवेयर पेनड्राइव में लोड रहेगा। इस पेनड्राइव को कंप्यूटर या लैपटाप में लगाना होगा।

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    कंप्यूटर व लैपटाप के ऑन होते ही इसमें लगे कैमरे आपकी आंखों को रीड करेंगे। यह बिल्कुल आधार कार्ड के सिस्टम की तरह होगा। रीड होते ही सॉफ्टवेयर ऑन हो जाएगा। सिर को बाई या दाईं ओर घुमाने से कर्सर भी मूव होता रहेगा।

    आंख झपकाते ही कर्सर क्लिक होगा और आंख की पुतली ऊपर-नीचे करने पर कर्सर स्क्रोल होगा। इधर, सॉफ्टवेयर ऑन होते ही वर्चुअल की-बोर्ड भी ऑन होगा। उसके बाद कर्सर को आंखों के माध्यम से क्लिक कर टाइप भी किया जा सकता है। इस सॉफ्टवेयर में वायस-माड्यूलेशन की भी सुविधा उपलब्ध है।

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