₹10 बढ़ गए सरसों तेल के दाम, पेट्रोल की कीमतों ने बिगाड़ा रांची में रसोई का बजट
झारखंड में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण रांची में रसोई का बजट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीते एक महीने में सरसों तेल, दाल, चावल सहित ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड तस्वीर
HighLights
पेट्रोल-डीजल से बढ़ी खाद्य पदार्थों की कीमतें।
सरसों तेल ₹10, दाल-चावल ₹5 प्रति किलो महंगा।
गृहिणियों का मासिक बजट बुरी तरह प्रभावित हुआ।
जागरण संवाददाता, रांची। पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। परिवहन खर्च बढ़ने के कारण रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों और किराना सामान की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।
इसका सबसे ज्यादा असर गृहिणियों और मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर पड़ रहा है। बाजार में किचन में उपयोग होने वाले खाद्य तेल, दाल, चावल, मसाले और अन्य जरूरी सामानों के दाम बढ़ गए हैं।
सरसों तेल की कीमतों में करीब 10 रुपये प्रति लीटर तक वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि रिफाइंड तेल के दाम में लगभग 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा चावल और दाल की कीमतों में भी करीब 5 रुपये प्रति किलो तक इजाफा हुआ है।
लगातार बढ़ती महंगाई से परिवारों के लिए घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। गृहिणियों का कहना है कि पहले जितने बजट में पूरे महीने का राशन आ जाता था, अब उसी सामान के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
घरेलू महिला संजू देवी ने बताया कि उनके परिवार में पांच सदस्य हैं और एक महीने पहले तक करीब 5000 रुपये में पूरे महीने का राशन आसानी से आ जाता था, लेकिन अब उसी राशन के लिए लगभग 6500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई ने घर का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई महंगी हो गई है, जिसका सीधा असर बाजार कीमतों पर पड़ रहा है।
व्यापारियों के अनुसार आने वाले दिनों में यदि ईंधन कीमतों पर नियंत्रण नहीं हुआ तो खाद्य सामग्री दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम में और वृद्धि हो सकती है।
क्या कहती हैं महिलाएं
हमारे घर में बड़ा परिवार है। पहले करीब 10 हजार रुपये में पूरे महीने का राशन आसानी से आ जाता था, लेकिन अब वही सामान खरीदने में लगभग 13 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। लगातार बढ़ती महंगाई ने घर का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। - गीता देवी
महंगाई की वजह से घर चलाना दिन-प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है। आमदनी तो पहले जैसी ही है, लेकिन रोजमर्रा के सामानों के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं। ऐसे में परिवार का खर्च संभालना बड़ी चुनौती बन गया है। - किरण देवी
किराना और जरूरत के सामानों की कीमतें बढ़ने के कारण अब हमें कई चीजों का कम इस्तेमाल करना पड़ रहा है। पहले जितनी मात्रा में सामान खरीदा जाता था, अब उतना लेना संभव नहीं हो पा रहा है। - रेखा देवी
एक महीने में कितने बढ़े दाम
| सामान | एक महीने पहले के दाम | अभी के दाम |
|---|---|---|
| चावल | ₹950 (26 kg) | ₹970 (26 kg) |
| सोना चूर | ₹100 / kg | ₹190 / kg |
| लखखी | ₹1200 (26 kg) | ₹1600 / kg |
| कतरनी | ₹1100 (26 kg) | ₹1400 (26 kg) |
| चीनी | ₹53 / kg | ₹55 / kg |
| सरसों तेल | ₹169 / kg | ₹170 / kg |
| रिफाइन आयल | ₹155 / kg | ₹158 / kg |
| मसूर दाल | ₹80 / kg | ₹90 / kg |
| मूंग दाल | ₹120 / kg | ₹130 / kg |
| उड़द | ₹120 / kg | ₹130 / kg |
| राहड़ | ₹120 / kg | ₹130 / kg |
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