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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    निजी संस्थानों में क्यों हो रही डीएलएड की पढ़ाई? विधानसभा में उठे सवाल का शिक्षा मंत्री ने दिया यह जवाब

    Updated: Tue, 25 Feb 2025 07:06 PM (IST)

    Jharkhand News In Hindi झारखंड विधानसभा में सरकारी संस्थानों में डीएलएड की पढ़ाई बंद होने का मामला उठा। शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने इस मामले को देखन ...और पढ़ें

    झारखंड विधानसभा में उठे सवाल। फाइल फ़ोटो
    झारखंड विधानसभा में उठे सवाल। फाइल फ़ोटो

    HighLights

    1. विधायक समीर मोहंती के सवाल पर मंत्री ने मामले को देखने का दिया आश्वासन
    2. कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए बन रही नियमावली

    राज्य ब्यूरो, रांची। विधानसभा में अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से सत्ता पक्ष के ही विधायक समीर मोहंती ने डायट एवं अन्य सरकारी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में डीएलएड की पढ़ाई बंद होने का मामला उठाया।

    उन्होंने सवाल किया कि आखिर क्यों सरकारी संस्थानों में इसकी पढ़ाई बंद कर दी गई, जबकि निजी संस्थान बड़ी राशि लेकर इसकी पढ़ाई करा रहे हैं।

    शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। हालांकि उन्होंने इस मामले को देखने का आश्वासन दिया।

    उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आलोक में सरकारी संस्थानों में चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आइटीईपी) शुरू करने का विषय सरकार के पास विचाराधीन होने की जानकारी दी।

    शिक्षा मंत्री का कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने दिया साथ  

    सरकारी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में डीएलएड की पढ़ाई क्यों बंद हुई, के सवाल पर जवाब के क्रम में शिक्षा मंत्री को मदद करते हुए कृषि एवं पशुपालन मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बवर्ष 2030 तक डीएलएड की पढ़ाई बंद हो जाएगी।

    उन्होंने निजी संस्थानों में भी इसकी पढ़ाई बंद करने के लिए राज्य सरकार द्वारा आदेश जारी किए जाने का सुझाव दिया।

    इस सवाल पर मंत्री ने क्या दिया जवाब?

    • इधर, अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से ही विधायक निरल पूर्ति ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर 27,500-28200 वेतनमान देने की मांग उठाई।
    • जवाब में मंत्री ने कहा कि वर्तमान में शिक्षकों को प्रतिमाह 13,200 रुपये मानदेय का भुगतान होता है, जिसमें 11 हजार रुपये समग्र शिक्षा अभियान के तहत उपलब्ध कराया जाता है।
    • वहीं, 2,200 रुपये राज्य सरकार अतिरिक्त भुगतान करती है। मंत्री ने इन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए नियमावली का गठन प्रक्रियाधीन होने की जानकारी दी।

    शिक्षकों का दो माह का वेतन बकाया, नहीं भर पा रहे रिटर्न

    पूर्वी सिंहभूम जिले के शिक्षकों का वेतन दो माह से रूका हुआ है। बताया जा रहा है कि इसके लिए आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है। अन्य जिलों में जनवरी माह का भुगतान हो चुका है।

    फरवरी माह समाप्त होने को है। पूर्वी सिंहभूम में बकाया वेतन का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। इस कारण फरवरी माह में भरा जाने वाला रिटर्न शिक्षक नहीं भर पा रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि पूर्वी सिंहभूम की ओर शिक्षकों का वेतन मद में आवंटन मांगने में विलंब हो गया। इस कारण राज्य से आवंटन निर्गत करने में विलंब हो रहा है।

    जिला शिक्षा विभाग इस संबंध में प्रयास कर रहा है, ताकि शिक्षकों को कोई परेशानी न हो। इस संबंध में झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह का कहना है कि विभाग को आवंटन पहले मांगना था, विभागीय चूक के कारण यह स्थिति पैदा हो गई।

    संचिकाओं के निष्पादन समय पर न होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। उम्मीद है जल्द ही आवंटन प्राप्त होगा। ऐसा नहीं होने पर शिक्षक रिटर्न नहीं भर पा रहे हैं। विभाग भी इस दिशा में राज्य से संपर्क में है।

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