यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Hemant Soren: 'हमने खींची लंबी लकीर, उसे मिटाना असंभव', हेमंत सोरेन ने भरी हुंकार; BJP को दे डाली चुनौती
Jharkhand News झारखंड में एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा को सीधी चुनौती दे दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो गरीब के ...और पढ़ें

HighLights
- मुख्यमंत्री ने 236 चलंत पशु चिकित्सालय वाहन का किया शुभारंभ
- हेमंत सोरेन ने कहा कि गांवों की जड़ों को मजबूत करने में लगी है सरकार
राज्य ब्यूरो, रांची। Jharkhand Political News Today: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि उनकी सरकार गांवों की जड़ों को मजबूत करने में लगी है। यह तभी संभव है जब हमारे किसान मजबूत होंगे। विगत चार वर्षों में राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन और नीति निर्धारण की गई है जो आने वाले समय में मिल का पत्थर साबित होगा।
इस दौरान सरकार ने विकास की लंबी लकीर खींची है। मुख्यमंत्री ने रांची के डिबडीह स्थित कार्निवल बैंक्विट हॉल में आयोजित प्रमंडल स्तरीय सहकारिता महासम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर ये बातें कहीं। इस अवसर पर उन्होंने 236 चलंत पशु चिकित्सालय वाहनों का शुभारंभ किया।
हमने जो लंबी लकीर खींची, उसे मिटाना असंभव
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में उनकी सरकार के गठन के चंद दिनों बाद से ही कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। तमाम चुनौतियों से लड़ते-लड़ते विगत चार वर्षो में राज्य के गरीब, वृद्धजन, महिलाएं, किसान, आदिवासी, दलित, शोषित, पिछड़े सभी वर्गों के उत्थान के लिए उनकी सरकार ने जो लकीर खींची है, वह बहुत मजबूत, लंबी और गाढ़ी है। उसे मिटा पाना असंभव है।
हेमंत सोरेन ने किसानों को लेकर केंद्र पर बोला हमला
हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने कहा कि इस देश में किसानों के लिए जो नीतियां बनाई गई हैं, वे बहुत कारगर साबित नही हुई हैं। बड़े पैमाने पर किसान अब खेतिहर मजदूर के रूप में गिने जा रहे है। विकास के विभिन्न मापदंड, सही नीति निर्धारण की कमी तथा जलवायु परिवर्तन किसानों को मजदूर बनने पर मजबूर कर रही है।
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उनकी सरकार ने किसानों के लिए खेती की वैकल्पिक व्यवस्था पर विशेष बल दिया है। राज्य सरकार का प्रयास है कि किसान बंधुओं को खेती-कृषि के साथ-साथ पारंपरिक व्यवस्थाओं से जोड़कर आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने किसानों से अपील किया कि वे पशुपालन से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ जरूर लें।
इस अवसर पर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, सांसद सुखदेव भगत, महुआ माजी, विधायक कल्पना सोरेन, झारखंड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद आदि भी उपस्थित थे।
राज्य सरकार किसानों के साथ, दो लाख रुपए तक का कृषि ऋण माफ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के दो लाख रुपए तक के कृषि ऋण माफी का निर्णय भी किया है। राज्य सरकार ने पहली बार ऐसी नीति बनाई जिसमें कृषकों को प्रदान किए जाने वाले सभी पशुओं का बीमा किया जाता है ताकि पशुओं के मरने पर उन्हें बीमा की राशि उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का मूलधन खेत-खलिहान और पशुधन होता है।