यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Election 2024: हेमंत सोरेन ने BJP और आजसू को दिया झटका, कई नेताओं को झामुमो में कराया शामिल
झारखंड में चुनाव से पहले भाजपा और आजसू को झामुमो ने बड़ा झटका दिया है। झामुमो ने इन दो प्रमुख पार्टियों के कई नेताओं को तोड़ अपने पाले में शामिल कर लि ...और पढ़ें

HighLights
- झारखंड में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और आजसू में झामुमो ने की सेंधमारी
- बीजेपी और आजसु के कई नेता झामुमो में शामिल होकर बड़ा संदेश दे दिया
राज्य ब्यूरो. जागरण, रांची। भाजपा नेता दिवंगत रीतलाल वर्मा के पुत्र प्रणव वर्मा, दारा हाजरा (प्रवक्ता अनुसूचित मोर्चा भाजपा), विकास राणा (केंद्रीय प्रवक्ता, आजसू पार्टी एवं प्रदेश अध्यक्ष, विश्वकर्मा समाज) अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार सभी समुदायों और वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित है और इस सामूहिक समर्थन से झारखंड को नई दिशा में ले जाने की प्रतिबद्धता और सुदृढ़ होगी। बता दें कि हेमंत सोरेन ने इससे पहले भी भाजपा के कई दिग्गज नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कराया था।
इससे पहले इन नेताओं ने भाजपा को छोड़ झामुमो में मारी थी एंट्री
पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक लुईस मरांडी, पूर्व विधायक घाटशिला लक्ष्मण टुडू, पूर्व विधायक बहरागोड़ा कुणाल षाड़ंगी, सरायकेला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी गणेश महली, पूर्वी सिंहभूम के भाजपा जिलाध्यक्ष बारी मुर्मू, भाजपा नेता बास्को बेसरा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की सदस्यता ग्रहण की थी।
हिमंता के भाषणों पर आईएनडीआईए ने जताई आपत्ति
आईएनडीआईए ने भाजपा के चुनाव प्रभारी सह असम के मुख्यमंत्री हिमंता विस्वा सरमा द्वारा दिए गए चुनावी भाषणों पर आपत्ति की है। आइएनएडीआइए के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के.रवि कुमार से मिलकर उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। बकायदा उनके भाषणों का वीडियो भी सौंपा।
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उन्होंने कहा कि आयोग उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं करेगा तो आईएनडीआईए को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। प्रतिनिधिमंडल ने इसे लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को संयुक्त हस्ताक्षर वाला एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें झामुमो, कांग्रेस, राजद और माले के पदाधिकारियों का हस्ताक्षर है।
आईएनडीआईए ने हिमंता के उस बयान पर आपत्ति की है जिसमें उन्होंन कहा कि था कि यह चुनाव बांग्लादेशी घुसपैठियों को को बाहर निकालने और हिंदुओं की रक्षा के लिए लड़ा जा रहा है। इसे कथित रूप से भड़काऊ और विभाजनकारी भाषण बताते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांगकी।
झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हिमंता अपने भाषणों में कुछ विशिष्ट नाम लेते हैं और चीजों को विशिष्ट समुदाय से जोड़ते हैं। यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। आईएनडीआईए ने हिमंता के उस कथित भाषण को भी भड़का़ऊ बताया है जिसमें कहा गया कि 'वो एक ही जगह वोट डालते हैं, लेकिन हमारा हिंदू आधा इधर डालेगा आधा उधर'। ज्ञापन में ऐसे कई भाषणों का जिक्र करते हुए उसे भड़काऊ बताते हुए हिमंता के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।