यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Land Scam: पत्रकार से भू-माफिया बने कमलेश के ठिकाने पर ED की छापेमारी, 1 करोड़ नकद व 100 कारतूस किए बरामद
केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जमीन घोटाले मामले में एक और एक्शन लिया है। जांच एजेंसी ने पत्रकार से भू-माफिया बने कमलेश कुमार के ठिका ...और पढ़ें

HighLights
- कमलेश को ईडी ने पूछताछ के लिए भेजा था समन
- समन जारी होने के बाद गायब हो गया था कमलेश
- 10 साल में फोटो जर्नलिस्ट से बना जमीन माफिया
- सीएनटी एक्ट की जमीन को जेनरल बना डाला था
- सरकारी जमीन की भी खरीद-बिक्री में करोड़ों का खेल
राज्य ब्यूरो, रांची। Jharkhand Land Scam जमीन घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने अब रांची के एक बड़े जमीन माफिया कमलेश सिंह के आवास पर छापा मारा है।
उसके कांके रोड में चांदनी चौक स्थित एस्टर ग्रीन अपार्टमेंट के फ्लैट से छापेमारी में ईडी को एक करोड़ रुपये नकदी के अलावा 100 कारतूस मिले हैं, जिसे जब्त किया गया है। कांके रोड के एस्टर ग्रीन अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 603 सी है, जहां से यह बरामदगी हुई है।
देर रात तक हो सकती है गिरफ्तारी
ईडी को यहां भारी मात्रा में जमीन की खरीद-बिक्री व निवेश से संबंधित दस्तावेज मिले हैं, जिसकी छानबीन चल रही है। संभव है देर रात तक कमलेश सिंह की गिरफ्तारी हो जाए। कमलेश का बड़े अधिकारियों से भी बेहतर संबंध रहा है।
झारखंड के पूर्व डीजीपी डीके पांडेय की पत्नी के नाम पर ली गई कांके स्थित जमीन के मामले में भी कमलेश का नाम सामने आया था। उसने जमीन के कागजात में हेराफेरी कर कई अन्य अधिकारियों को भी जमीन दिलाई है। उससे जमीन खरीदने वाले पूर्व में विवाद में भी फंसे थे।
दस साल में फोटो जर्नलिस्ट से बन गया जमीन का बड़ा माफिया
कमलेश सिंह महज दस वर्षों में ही फोटो जर्नलिस्ट से जमीन का बड़ा माफिया बन गया। उसने रांची में सीएनटी प्रकृति की आदिवासी जमीन को जेनरल बनाकर बेच डाला। इतना ही नहीं, उसने सरकारी भूमि के कागजात में भी हेराफेरी कर करोड़ों रुपये में उसका सौदा कर दिया।
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उसने कई विवादित जमीन की खरीद-बिक्री की और इस मामले में पूर्व में रांची पुलिस के हाथों गिरफ्तार कर जेल भी जा चुका है, जहां से छूटने के बाद फिर से वह अपने इसी धंधे में लगा रहा।
कांके में जुमार नदी के किनारे इसने नदी की जमीन को समतल करवाकर उस पर कब्जा किया और उसकी खरीद-बिक्री की। उसने जमीन के इस धंधे से दस साल के भीतर करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली है।
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