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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Hemant Soren News: 'ED को नहीं मिले पूरा कंट्रोल, हेमंत सोरेन की जान को खतरा', पूर्व CM के वकील ने क्यों कही ये बात

    By Manoj Singh Edited By: Shashank Shekhar
    Updated: Sat, 03 Feb 2024 11:06 AM (GMT+05:30)

    हेमंत सोरेन से ईडी पांच दिनों तक पूछताछ करेगी। ईडी के विशेष न्यायाधीश दिनेश राय की अदालत ने ईडी कोर्ट ने पांच दिनों की रिमांड पर लेने की अनुमति दी है। ...और पढ़ें

    Hemant Soren News: 'ED को नहीं मिले पूरा कंट्रोल, हेमंत सोरेन की जान को खतरा'
    Hemant Soren News: 'ED को नहीं मिले पूरा कंट्रोल, हेमंत सोरेन की जान को खतरा'

    HighLights

    1. दिनभर पूछताछ के बाद जेल या सुरक्षित जगह पर रखें- हाई कोर्ट
    2. शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना नहीं करने का भी निर्देश

    राज्य ब्यूरो, रांची। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ईडी पांच दिनों तक पूछताछ करेगी। ईडी के विशेष न्यायाधीश दिनेश राय की अदालत ने ईडी कोर्ट ने पांच दिनों की रिमांड पर लेने की अनुमति शुक्रवार को प्रदान कर दी है।

    गुरुवार को रिमांड पर सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। ईडी ने 10 दिनों की रिमांड की मांग की थी। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में बंद हेमंत सोरेन को ईडी शनिवार को अपने साथ ले जाएगी। पांच दिनों की पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को सात फरवरी को फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा।

    मेडिकल चेकअप कराने का निर्देश

    अदालत ने ईडी रिमांड के दौरान हेमंत सोरेन का मेडिकल चेकअप कराते रहने का निर्देश दिया गया है। किसी तरह की शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना नहीं करने का भी निर्देश है। पूछताछ के दौरान हेमंत सोरेन को अपने परिवार के सदस्य और अपने वकील से मुलाकात करने की छूट दी गई है।

    मुलाकात की अवधि 30 मिनट तक है। ईडी ने बुधवार को देर रात हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया था। गुरुवार को ईडी कोर्ट में उनको पेश किया गया। पेशी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में लेते हुए 13 फरवरी तक के लिए जेल भेज दिया गया।

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    हेमंत सोरेन को खतरा, रात में जेल या कहीं सुरक्षित जगह रखें

    हेमंत सोरेन के वकील प्रदीप चंद्रा ने शुक्रवार को एक याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि हेमंत सोरेन से ईडी दिनभर पूछताछ करे। पूछताछ के बाद रात में उन्हें जेल या और कहीं सुरक्षित जगह पर रखा जाए। सुरक्षा की दृष्टिकोण से रिमांड अवधि के दौरान हेमंत सोरेन पर पूरा कंट्रोल ईडी को नहीं दिया जाना चाहिए।

    यह भी कहा गया है कि ईडी के पास हेमंत सोरेन की जान का खतरा है। ईडी के पास सुरक्षा नाम की कोई चीज नहीं है। ईडी खुद की सुरक्षा के लिए दूसरों पर निर्भर है। जेल परिसर की अपनी सुरक्षा व्यवस्था होती है। इसलिए रिमांड अवधि में ईडी हेमंत सोरेन से दिन में पूछताछ करे। इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन रात में हेमंत सोरेन को बिरसा मुंडा जेल में या विशेष कैंप जेल में रखा जाए।

    हेमंत सोरेन की ओर से इस बहस का ईडी ने विरोध करते हुए कहा कि रिमांड में दो तरह की कस्टडी नहीं होती है। या तो हेमंत सोरेन को न्यायिक हिरासत में जेल में रखा जाए या रिमांड के दौरान उनसे पूछताछ के लिए पूरा कंट्रोल ईडी को दिया जाए।

    अनुसंधान में क्या पूछना है और कब तक पूछना है, यह कोई और तय नहीं कर सकता। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत शनिवार को अपना फैसला सुनाएगी।

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